पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में आयोजित विशाल जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने चुनावी बिगुल फूंकते हुए कई बड़े ऐलान किए। हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “5 मई को जैसे ही बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी और तुष्टिकरण की राजनीति खत्म होगी।”
सभा के दौरान पांडेश्वर से भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र तिवारी को मंच पर बुलाकर शाह ने जनता से अपील की कि पिछली बार की हार का बदला इस बार भारी जीत से लिया जाए और उन्हें बड़ा नेता बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि उनका शासन “मां, माटी, मानुष” से भटककर “माफिया, मसलमैन और मनी पावर” तक सीमित हो गया है। उन्होंने राज्य में सिंडिकेट राज, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के आरोप भी लगाए।
घुसपैठ के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद “एक-एक घुसपैठिए को चिन्हित कर बाहर निकाला जाएगा।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही है, लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद 45 दिनों में 600 एकड़ जमीन देकर सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा।
आर्थिक मोर्चे पर भी उन्होंने कई वादे किए। शाह ने कहा कि बंगाल को फिर से इंडस्ट्रियल हब बनाया जाएगा और पांच बड़े इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थापित कर लाखों युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। बंद पड़ी फैक्ट्रियों को दोबारा चालू करने की भी बात कही गई।
जनसभा में घोषणाओं की झड़ी लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने ₹3000, गर्भवती महिलाओं को ₹21,000, किसानों को सालाना ₹9000 और बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही सरकारी नौकरियों में 33% महिला आरक्षण, 7वां वेतन आयोग लागू करने और सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का वादा भी किया गया।
सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए शाह ने रबिन्द्रनाथ टैगोर के “सोनार बांग्ला” के सपने को साकार करने की बात कही, जहां विकास, सुरक्षा और सम्मान एक साथ आगे बढ़ेंगे।
अपने भाषण के अंत में अमित शाह ने जनता से अपील की कि 23 अप्रैल को “कमल के फूल” का बटन दबाकर बदलाव की शुरुआत करें और 5 मई को बंगाल में नई सरकार बनाएं।

