पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। भारत में भी एलपीजी की कमी देखी जा रही है। गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण आम लोगों को खाना बनाने में दिक्कत हो रही है। बिहार में एलपीजी की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है।
राशन की दुकानों पर मिलेगा कोयला
बिहार में सरकार ने राशन की दुकानों पर कोयला उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। सरकार के फैसले के अनुसार, राशन कार्ड रखने वाले प्रत्येक परिवार को हर महीने करीब 100 किलोग्राम यानी एक क्विंटल कोयला दिया जाएगा।
राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत
यह व्यवस्था फिलहाल केवल उन्हीं लोगों के लिए लागू होगी जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आते हैं। जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए अभी कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। इसका मतलब है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गैस की कमी के बावजूद खाना बनाने के लिए एक वैकल्पिक ईंधन मिल जाएगा।
सप्लाई व्यवस्था तैयार
सरकार ने कोल हेड से लेकर राशन दुकानों तक कोयला पहुंचाने के लिए पूरी सप्लाई व्यवस्था तैयार कर ली है। इस प्रक्रिया में राज्य की खनन एजेंसी को प्रमुख भूमिका दी गई है, जो कोल इंडिया से कोयले की मांग करेगी। इसके बाद थोक विक्रेताओं के माध्यम से कोयला जिला मुख्यालयों तक पहुंचेगा और फिर वहां से जनवितरण प्रणाली के जरिए राशन दुकानों तक सप्लाई की जाएगी
कालाबाजारी पर लगेगी लगाम
बता दें कि वर्तमान में एलपीजी संकट का फायदा उठाकर कोयले का अवैध कारोबार किया जा रहा है। झारखंड से होने वाली तस्करी और 35-40% तक बढ़ी कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। ब्लैक मार्केट में 5 किलो कोयला 100 से 120 रुपए में बिक रहा है। पीडीएस दुकानों पर कोयला मिलने से कीमतों में स्थिरता आएगी। तस्करी और अवैध भंडारण पर नकेल कसी जा सकेगी। जनता को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी,सही वजन-दाम की गारंटी होगी।

