चैंबर में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या करने वाले का एनकांउटर, कुख्यात रामधनी यादव ढेर

Reena Sharma
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भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए गोलीकांड के मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। पुलिस ने सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की हत्या के 12 घंटे के अंदर यह कार्रवाई की है। घटना उस वक्त हुई जब पुलिस उसे वारदात में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी के लिए ले गई थी।

भागने की कोशिश में ढेर हुआ रामधीन

भागलपुर पुलिस का कहना है कि आरोपी को घटना में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामान की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के अनुसार पुलिस की एक विशेष टीम मुख्य रामधीन यादव को लेकर उन ठिकानों पर पहुंची थी, जहां उसने हत्या में इस्तेमाल हथियार और दूसरे सामान छिपाई थी। इसी दौरान, वहां पहले से घात लगाए कुछ अज्ञात अपराधियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। रामधीन ने भी भागने की कोशिश करते हुए पुलिस पर हमला किया। जवाबी फायरिंग में वो गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 

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कई मामलों में आरोपी था रामधनी यादव

भागलपुर के एसपी ने बताया कि रामधनी यादव एक कुख्यात अपराधी था, जिसके खिलाफ कई मामले पहले से दर्ज थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में उसने एक व्यक्ति की हत्या कर उसका सिर लेकर थाने पहुंचने जैसी सनसनीखेज वारदात को भी अंजाम दिया था। एसपी के अनुसार, उसे इस बार भी उम्मीद थी कि वह पुलिस पर फायरिंग कर दहशत फैलाकर फरार हो जाएगा, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई।

एक दिन पहले ली थी कार्यपालक पदाधिकारी की जान

मंगलवार की दोपहर जब पूरा शहर अपने कामों में व्यस्त था, तब रामधनी ने सरकारी दफ्तर में घुसकर  ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी। जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है। इस वारदात ने पूरे बिहार को हिला दिया था।

सभापति राजकुमार साह की तलाश में पहुंचे थे अपराधी

बताया जा रहा है कि रामधनी यादव अपने गुर्गों के साथ सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति राजकुमार साह उर्फ गुड्डू को रास्ते से हटाने के इरादे से चैंबर में घुसा था। जब बदमाशों ने हथियार ताने, तो वहां मौजूद एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (ईओ) कृष्णा भूषण ने अपनी जान की परवाह किए बिना उनका विरोध किया। बदमाशों ने बिना सोचे समझे कृष्णा भूषण को गोलियों से छलनी कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे राजकुमार साह

इसके बाद हमलावरों ने सभापति राजकुमार साह के सिर और सीने में भी गोलियां मारीं। फिलहाल, राजकुमार साह अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, उनके फेफड़े में गोली फंसी हुई है।

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