बिहार में सरकार बदलने के साथ ही विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के तेवर भी बदले-बदले से हैं। विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद चुप्पी साध कर बैठे राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेस्वी लगातार सरकार पर हमलावर हैं। अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर एनडीए सरकार पर हमला किया है।
तेजस्वी ने एनडीए सरकार को घेरा
तेजस्वी ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि बिहार की महिलाओं के साथ एनडीए सरकार ने विश्वासघात किया है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट शेयर करते हुए एनडीए सरकार पर बिहार की महिलाओं और जीविका दीदियों के साथ धोखेबाजी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए सरकार ने न केवल महिलाओं को गुमराह किया, बल्कि राज्य के खजाने को भी दिवालियापन की कगार पर खड़ा कर दिया है।
हार के डर से महिलाओं में बांटे 10-10 हजार
तेजस्वी यादव के मुताबिक ‘बिहार विधानसभा चुनाव में हार का अंदेशा होते ही, बीच चुनाव में मतदान के दिन तक, बैंक खुलवाकर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एनडीए सरकार ने महिलाओं और जीविका दीदियों के बैंक खातों में 10 हजार रूपये भेजे।’
डराने और लालच देने का भी आरोप
यही नहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि महिलाओं से कहा गया कि मतदान केंद्र में कैमरा लगा है और अगर तय निशान पर वोट नहीं दिया तो पैसे वापस ले लिए जाएंगे। साथ ही चुनाव के बाद 2 लाख रुपये देने का वादा भी किया गया।’
दूसरी किश्त नहीं मिलने का दावा
तेजस्वी के अनुसार, ‘चुनाव के समय वादा किया गया था कि 6 महीने के भीतर मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 2 लाख रुपये की दूसरी किश्त भेज दी जाएगी, लेकिन आज 6 महीने बीत जाने के बाद भी महिलाएं खाली हाथ हैं।’
18 लाख महिलाओं को नहीं मिली पहली किश्त
आरजेडी नेता ने दावा किया है कि चुनाव बाद पूर्व से इस योजना (मुख्यमंत्री महिला रोजगार) में पंजीकृत 18 लाख महिलाओं को पहली किश्त के रुपये नहीं मिले। 1 करोड़ 81 लाख जीविका दीदियों और महिलाओं को दूसरी किश्त नहीं मिली। चुनाव के समय वादा किया गया था कि इस योजना के तहत महिलाओं को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकार पर हमला करते हुए तेजस्वी ने कहा कि केवल चुनावी लाभ लेने के लिए एनडीए ने बिहार की मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है।

