‘मार दिया तो मार दिया…’,दिल्ली में बिहारी युवक की हत्या पर मांझी का बेतुके बयान

Neelam
By Neelam
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देश की राजधानी दिल्ली में बिहार के एक 21 वर्षीय युवक पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल द्वारा कथित तौर पर गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने सियासी गलियारों में उबाल ला दिया है। विपक्षी दल जहां इस घटना के लिए केन्द्र और दिल्ली की सरकार को घेर रहे हैं। वहीं, इस वारदात पर एनडीए के सहयोगी दलों ने भी नाराजगी जाहिर की है। इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने घटना पर बेतूका बयान दिया है।

जीतन राम मांझी का चौंकाने वाला बयान

दिल्ली में बिहार के युवक की हत्या को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। इस बीच इस मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। मीडिया से बातचीत के दौरान जीतनराम मांझी ने कहा, ‘दिल्ली में बिहार का युवक मारा गया है, कोई ऐसी बात होगी तो इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद अगर कोई दोषी होगी तो उस पर आवश्यक कार्रवाई होगी। इसमें कौन बड़ी बात है भाई, मार दिया तो मार दिया। कोई ऐसे ही जानबूझकर कोई किसी को नहीं मार देता है। आपको किसी ने क्यों नहीं मारा। किसी पर कोई शंका होगी। इसकी जांच होगी। अगर सचमुच में किसी निर्दोष को मारा गया है तो मारने वालों को सजा होगी।’

तेजस्वी को दिलाई पिता लालू के शासनकाल की याद

इस दौरान तेजस्वी यादव के इस आरोप पर कि ‘भाजपा शासित राज्य में बिहारी होना सबसे बड़ा अपराध और शाप हो गया है’, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ा पलटवार किया। तेजस्वी के दावों को सिरे से खारिज करते हुए मांझी ने उन्हें सीधे उनके पिता लालू यादव के शासनकाल की याद दिला दी। मांझी ने आरजेडी के शासनकाल पर तंज कसते हुए कहा, ‘तेजस्वी यादव जरा 2005 से पहले के अपने पिताजी के राज के समय का बिहार देखें। उस वक्त क्या हालात थे? आप अब क्या देख रहे हैं? आज के समय में तो बिहारी कहलाना शान की बात हो गई है।’

क्या है पूरा मामला?

यह पूरी घटना 26 अप्रैल की देर रात दिल्ली के जाफरपुर कलां गांव में घटी। बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला पांडव कुमार और उसका दोस्त कृष्ण एक परिचित के यहां जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गए थे। पुलिस और परिजनों के मुताबिक, पार्टी के बाद जब वे सड़क पर खड़े होकर आयोजकों से बातचीत कर रहे थे, तभी दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा में तैनात हेड कांस्टेबल नीरज वहां आ गया। आरोप है कि शराब के नशे में धुत नीरज ने उनसे बेवजह बहस शुरू कर दी और उनकी जाति व राज्य के बारे में पूछा। मृतक के परिजनों का दावा है कि जैसे ही नीरज को पता चला कि वे बिहार से हैं, उसने जातिसूचक गालियां देते हुए बेहद करीब से पांडव के सीने में गोली मार दी। गोली पांडव के शरीर को पार करते हुए बाइक पर पीछे बैठे कृष्ण के पेट में जा लगी। इस घटना में पांडव की मौत हो गई, जबकि कृष्ण अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। दिल्ली पुलिस आरोपी नीरज बलहारा को हरियाणा के रोहतक से गिरफ्तार कर चुकी है।

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