आज से ‘सद्भावना यात्रा’ पर नीतीश के बेटे निशांत, सीखेंगे सियासत का नया पाठ

Reena Sharma
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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दशकों तक प्रदेश की कमान संभाली। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर अब वे राज्यसभा के सांसद बन कर सियासत के केन्द्र दिल्ली पहुंच चुके हैं। नीतीश को सियासत का बड़ा खिलाड़ी माना जाता हैं। हालांकि, उनके बेटे निशांत कुमार की बात करें तो वे आज तक  राजनीति से दूर ही रहे हैं। हालांकि, नीतीश के दिल्ली रूख की घोषणा के बाद उन्होंने जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता लेते हुए राजनीति में एंट्री ली। अब निशांत कुमार की ‘सद्भावना यात्रा’ के जरिए राजनीति का ककहरा सीखने जा रहे हैं।

यात्रा की शुरूआत पश्चिम चंपारण से

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने आज अपनी ‘सद्भावना यात्रा’ की शुरुआत कर रहे हैं। निशांत अपनी पहली राजनैतिक यात्रा की शुरूआत पश्चिम चंपारण से कर रहे हैं। पटना से लेकर पश्चिम चंपारण के बगहा तक पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए हैं।

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अलग पहचान बनाना में जुटे निशांत

निशांत अब तक पर्दे के पीछे रहे हैं, लेकिन इस यात्रा के जरिए वे सीधे जनता और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। उनकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। हालांकि, निशांत कुमार राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं।

जनता से मिलकर लेंगे सियासत अनुभव

निशांत कुमार का फिलहाल राजनीति में कोई खास अनुभव नहीं है और वे जदयू में किसी पद पर भी नहीं हैं। वे अपनी मेहनत और अपने दम पर सियासत में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से वे गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे, उनसे परिचय बढ़ाएंगे और पार्टी को मजबूत करने के लिए उनकी राय भी लेंगे। निशांत का लक्ष्य आम आदमी के नेता के रूप में खुद को स्थापित करना है। वहीं, कार्यकर्ता भी अपने संभावित नेता से मिलकर सम्मानित महसूस करेंगे।

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