भारत-पाकिस्तान के बीच हो रही गुप्त वार्ता? महबूबा मुफ्ती का बड़ा दावा

Neelam
By Neelam
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भारत और पाकिस्तान के बीच के संबंध जग जाहिर है। भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से एक जटिल और शत्रुतापूर्ण संबंध रहे हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने बड़ा दावा किया है। मुफ्ती ने भारत-पाकिस्तान के बीच संवाद की वकालत करते हुए दावा किया कि दोनों देशों के बीच सार्वजनिक बयानबाजी भले ही तीखी हो, लेकिन पर्दे के पीछे वार्ता लगातार जारी है।

तीन महीनों से चल रही गुप्त वार्ता-मुफ्ती

पुंछ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों से भारत और पाक के बीच गुप्त स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड राजनयिक, पूर्व सैन्य अधिकारी और अन्य प्रतिनिधि विदेशों में बैठकर पाकिस्तान के लोगों के साथ चर्चा कर रहे हैं।

पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद का जिक्र

मुफ्ती ने जोर देकर कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दे का समाधान बातचीत के बिना संभव नहीं है। अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की विरासत का उल्लेख करते हुए मुफ्ती ने कहा कि उनके पिता का “खाका” जम्मू-कश्मीर में शांति के लिए एकमात्र व्यवहार्य रोडमैप है।

बीजेपी पर कसा तंज

भाजपा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को अंततः बातचीत की मेज पर आना होगा। उन्होंने अपनी सरकार के दौरान शुरू की गई नियंत्रण रेखा पार व्यापार और यात्रा पहलों का भी जिक्र किया। महबूबा ने बताया कि रावलकोट मार्ग आर्थिक गतिविधि बढ़ाने और हिंसा कम करने के लिए खोला गया था। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि यह मार्ग भी बंद कर दिया गया।

अनुच्छेद 370 को लेकर केन्द्र को घेरा

पीडीपी अध्यक्ष ने दावा किया कि 2019 के संवैधानिक परिवर्तनों के बाद पीर पंजाल और चिनाब घाटी के लोगों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और पूर्ववर्ती राज्य के दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंटने का जिक्र किया। मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर पुंछ जिले के उप-मंडल मेंढर के लिए अलग प्रशासनिक प्रभाग और पहाड़ी जिले के दर्जे की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीडीपी ने क्षेत्र में एक संभागीय आयुक्त की नियुक्ति की मांग की थी। इससे लोगों को आधिकारिक काम के लिए जम्मू या श्रीनगर की यात्रा नहीं करनी पड़ती।

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