डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: लौहनगरी के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बंद क्वार्टर के भीतर से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की लाशें बरामद हुई। आरोपी पिता रविंद्र प्रसाद सिंह ने अपनी पत्नी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी और घंटों लाशों के पास बैठा रहा।
वारदात का मंजर: खून से सने कमरे और कातिल की खामोशी
सिदगोड़ा के क्वार्टर नंबर L5/13 में जब पुलिस दाखिल हुई, तो नजारा देख अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। घर के अलग-अलग हिस्सों में खून से लथपथ तीन शव पड़े थे। पत्नी सरिता सिंह इनका शव किचन में मिला। बेटा रविषेक की लाश बेड पर पड़ी थी। बेटी सुप्रिया का शव दूसरे कमरे में बरामद हुआ। हैरानी की बात यह थी कि हत्या का आरोपी रविंद्र सिंह अपनी पत्नी के शव के पास ही बैठा मिला। पुलिस ने मौके से कुल्हाड़ी और हथौड़ा बरामद किया है, जिसे हत्या का हथियार माना जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को जलाने की भी कोशिश की थी।
दिल्ली से आई एक कॉल और खुल गया मौत का राज
इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली में रह रही रविंद्र की दूसरी बेटी ने पड़ोसियों को फोन किया। उसने बताया कि घर में कोई फोन नहीं उठा रहा है। पड़ोसी गंगाधर पांडेय ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। कुछ देर बाद आरोपी की साली का बेटा पीछे के रास्ते से घर में घुसा। रविंद्र ने दरवाजा खोला तो उसके कपड़ों पर खून के धब्बे थे। उसने बदहवासी में सबको वहां से जाने को कहा। स्थानीय लोगों ने जब पुलिस को सूचित करने की कोशिश की और रिस्पांस नहीं मिला, तो वे पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के आवास पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी का दावा
एएसपी ऋषभ त्रिवेदी और थाना प्रभारी फैज अकरम ने दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। ASP ऋषभ त्रिवेदी ने बताया कि
आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पूछताछ के दौरान वह खुद को मानसिक रूप से बीमार बता रहा है। हालांकि, हत्या की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
पुलिस की फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सीन रीक्रिएट किया है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए यह समझने की कोशिश की जा रही है कि हत्याएं किस क्रम में की गई। फिलहाल, पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

