धनबाद में आयोजित जनता दरबार में जमीन विवाद, अतिक्रमण, अवैध खनन और सामाजिक समस्याओं से जुड़े कई मामले सामने आए। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार में गोविंदपुर प्रखंड के पलैयडीह गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने स्कूल की जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्कूल निर्माण के लिए करीब दो एकड़ जमीन दान में दी गई थी, जिसकी डीड भी उपलब्ध है। सर्वे रिकॉर्ड में 1.98 एकड़ जमीन दर्ज है, लेकिन विभागीय त्रुटि के कारण नए नक्शे में केवल 1.55 एकड़ भूमि दर्शाई गई है। आरोप है कि शेष जमीन गांव के कुछ लोगों को बंदोबस्त कर दी गई, जिससे स्कूल की बाउंड्री वॉल का निर्माण रुक गया है। ग्रामीणों ने जमीन की मापी कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।
वहीं तेतुलमारी हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने वेस्ट मुदीडीह कोलियरी क्षेत्र में अवैध कोयला खनन की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि कोयला तस्करों ने दोबारा अवैध मुहाना खोलकर कोयले की निकासी शुरू कर दी है। इससे बस्ती के जमीनदोज होने और जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा जनता दरबार में सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने, बेलगड़िया में आवास उपलब्ध कराने, पारिवारिक प्रताड़ना, बाउंड्री वॉल निर्माण में बाधा, जन्म प्रमाण पत्र निर्गत कराने, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटाने और अबुआ आवास योजना से जुड़े आवेदन भी पहुंचे।
उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

