बिहार सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य कर दिया है। सम्राट सरकार कके इस नए आदेश के बाद बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। इस फैसले का AIMIM ने कड़ा विरोध किया है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान ने इसे सरकार के इस फैसले को गलत फरमान बताया।
फैसले को बताया धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने किशनगंज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार को कोई भी निर्णय लेने से पहले संवैधानिक पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान करती है, लेकिन यह उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा, हम लोग एक ही ईश्वर को पूजते हैं। हम मूर्ति पूजा नहीं करते।
सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
अख्तरुल ईमान ने कहा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और संबंधित मंत्रालय को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज करवाई जाएगी। अख्तरुल ईमान ने कहा कि किसी तरह का आदेश देने के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का ध्यान रखा जाना चाहिए। मद्रास हाई कोर्ट का फैसला याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ सड़क से सदन तक आंदोलन हमारी पार्टी करेगी।
सरकार पर “नाकामी छिपाने” का आरोप
अख्तरूल ईमान ने सरकार पर पेपर लीक जैसे मामलों में अपनी “नाकामी छिपाने” के लिए ऐसे कदम उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि वंदे मातरम गायन को वैकल्पिक बनाया जाए। उनका कहना था कि जो लोग इसे गाना चाहें, वे गाएं और जो न गाना चाहें, उन पर कोई दबाव न डाला जाए।
उर्दू शिक्षा पर उठाए सवाल
प्रदेश अध्यक्ष ने उर्दू भाषा के शिक्षकों की कमी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने नए मानक मंडल में उर्दू को शामिल करने की मांग की और कहा कि अल्पसंख्यक भाषा की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए।
मोदी सरकार पर अख्तरुल ईमान का हमला
अख्तरुल ईमान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन के कम उपयोग और एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने की अपील पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, जब कोई पिता आर्थिक संकट में होता है, तो वह अपने बच्चों से कहता है कि अभी कपड़े मत खरीदो और मेला घूमने मत जाओ। केंद्र सरकार भी फिलहाल वही कर रही है। बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में रुपये की कीमत में जितनी गिरावट आई है, उतनी पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की गरिमा को सबसे अधिक नुकसान नरेंद्र मोदी सरकार के दौरान हुआ है।

