बिहार विधान परिषद की खाली हो रही 9 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। इन सीटों के लिए 18 जून को वोटिंग होगी। इस दिन ही मतगणना होगी और रिजल्ट आएगा। सीएम नीतीश कुमार की सीट पर भी उपचुनाव होगा। इसके लिए आज चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का ऐलान कर दिया गया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव का शेड्यूल
बिहार विधान परिषद चुनावों के लिए अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी होगी। 8 जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद 9 जून के नामांकन पत्रों की जांच होगी। अगर कोई प्रत्याशी नाम वापस लेना चाहता है तो 11 जून तक उनके पास मौका होगा। आपको बता दें कि इन सीटों के लिए वोटिंग आम जनता नहीं करेगी। इन सीटों के लिए बिहार विधानसभा में चुने गए विधायक ही वोटिंग करेंगे।
जिन 10 सीट पर चुनाव उनमें से पांच जेडीयू के पास
बता दें कि 28 जून को विधान परिषद की 9 सीटें खाली हो रही हैं। एक सीट पर उपचुनाव होना है। मतलब कुल 10 सीटें हैं। जिन 10 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें फिलहाल पांच सीटें जेडीयू के पास हैं। बीजेपी के पास 2 और आरजेडी के पास से दो सीटें हैं जबकि एक सीट कांग्रेस के पास है।
कौन-कौन सी सीट खाली हो रही हैं
बिहार में 9 नेताओं का कार्यकाल 28 जून को पूरा हो रहा है, जिसके चलते ये 9 सीटें खाली हो रही हैं। जिनका कार्यकाल पूरो हो रहा है वे हैं- सम्राट चौधरी, संजय मयूख, गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद शर्मा, भगवान सिंह, मोहम्मद फारूक, सुनील सिंह और समीर सिंह।
क्या कहते हैं आंकड़े?
बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं और विधान परिषद की एक सीट के लिए करीब 24 से 25 विधायकों का समर्थन चाहिए होता है। एनडीए के पास दो तिहाई विधायकों की संख्या है। बीजेपी-जेडीयू की अगुवाई में एनडीए 9 सीटें जीत सकता है। लेकिन उसकी कोशिश सभी 10 सीटों की होगी। आरजेडी की 25 सीटें हैं और वो एक सीट जीत सकती है। एमएलसी इलेक्शन में जेडीयू को बड़ा कोटा मिल सकता है, क्योंकि ज्यादातर खाली सीटें उसके हिस्से की हैं। जबकि बीजेपी को 2 से 3 सीटें मिल सकती हैं। बाकी सीटें सहयोगी दलों के खाते में जाएंगी।

