अवैध निर्माण की जांच और जर्जर स्कूलों को ध्वस्त करने का अल्टीमेटम: जमशेदपुर ‘दिशा’ की बैठक के बड़े फैसले

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न कल्याणकारी और विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद ने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासनिक अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर विकास कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। ​इस उच्च स्तरीय बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन, डीडीसी नागेन्द्र पासवान, सिटी व रूरल एसपी सहित जिले के कई विधायक (समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, संजीव सरदार, पूर्णिमा साहू, सोमेश चंद्र सोरेन) और जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश
​विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर समिति द्वारा महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
यातायात पुलिस की कार्यशैली और वाहन जांच
संवेदनशीलता की जरूरत: मानगो, जुगसलाई, एमजीएम अस्पताल के आगे बोड़ाम-पटमदा मार्ग और पोटका में ओडिशा-बंगाल के वाहनों की जांच के दौरान पुलिस को व्यावहारिक, पारदर्शी और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया।

बिजली और पानी की समस्या
नियमित बिलिंग: विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया कि हर महीने उपभोक्ताओं के मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग सुनिश्चित की जाए।
क्विक रिस्पांस टीम (QRT): गर्मी के मौसम में नागरिकों को राहत देने के लिए खराब ट्रांसफार्मर और अन्य तकनीकी खराबी को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए।
सड़क बहाली: बिजली, पानी या दूरसंचार के काम के लिए खोदी गई सड़कों को एजेंसियां तुरंत पहले जैसी स्थिति में दुरुस्त करें। बिजली के पोल भी सड़क से सुरक्षित दूरी पर लगाने को कहा गया।

शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार
जर्जर स्कूल भवन: भवन निर्माण विभाग और शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर जर्जर व अनुपयोगी स्कूली भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई का आदेश मिला।
मूलभूत सुविधाएं: स्कूलों में शिक्षकों का तर्कसंगत अनुपात सुनिश्चित करने, बेंच-डेस्क की कमी दूर करने, चारदिवारी निर्माण और आवासीय विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने की बात कही गई।
निजी स्कूलों में RTE: निजी विद्यालयों में आरटीई (RTE) के तहत आरक्षित सीटों की सूची स्थानीय जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
​स्वास्थ्य: ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा मजबूत करने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पैरामेडिकल स्टाफ की दैनिक उपस्थिति अनिवार्य की गई है।

अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई
​जुगसलाई स्थित शिव घाट, जमशेदपुर पूर्वी के सर्कस मैदान और मानगो नगर निगम क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला प्रमुखता से उठा।
​खाली पड़ी सरकारी जमीनों को चिह्नित कर सूचना बोर्ड लगाने और वहां पार्क या खेल के मैदान विकसित करने का सुझाव दिया गया।

अवैध प्लॉटिंग और भवन निर्माण की जांच
​करनडीह और पोटका विधानसभा क्षेत्र में बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग, भूमि बिक्री और जिला परिषद से बिना नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के मामलों की जांच का जिम्मा डीडीसी को सौंपा गया है।

राशन कालाबाजारी और अन्य नागरिक सुविधाएं
PDS दुकानों पर सख्ती: जन वितरण प्रणाली दुकानों के समय पर न खुलने और राशन की कालाबाजारी की शिकायतों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।
बस स्टैंड में सुविधाएं: मानगो स्थित जे.पी. सेतु बस स्टैंड में यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने का निर्देश जेएनएसी (JNAC) के उप नगर आयुक्त को दिया गया।

मुआवजा और किसानों के भुगतान में देरी पर नाराजगी
​बैठक में पथ निर्माण विभाग की विभिन्न सड़क परियोजनाओं (जैसे भादूडीह-बोंटा-सतनाला-बोड़ा-माधोपुर पथ, बेगनाडीह से पोटका पथ) के लिए अधिग्रहित भूमि के रैयतों को मुआवजा मिलने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई गई। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को जल्द से जल्द मुआवजा भुगतान के आदेश दिए गए। इसके साथ ही, धान अधिप्राप्ति के एवज में किसानों के लंबित भुगतान को लेकर उपायुक्त ने जिला आपूर्ति व सहकारिता पदाधिकारी को मुख्यालय से समन्वय बनाकर त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी विकास योजना के शिलान्यास या उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय सांसद, विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए और शिलापट्ट पर उनका नाम दर्ज हो। साथ ही प्रखंड स्तर की बैठकों में अधिकारियों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।

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