‘दावे विश्वगुरु के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते’, राहुल गांधी का पीएम मोदी पर बड़ा हमला

Reena Sharma
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद करने का आरोप लगाया है। देश के कई सेंटर्स पर कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट-यूजी (CUET-UG) 2026 की परीक्षा में देरी पर बवाल हो गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बाद में टेक्निकल गड़बड़ी बताया और परीक्षा कुछ देरी से शुरू हुई। इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष ने पीएम मोदी पर तंज कसा है।

मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह की-राहुल

राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि नीट, सीबीएसई,एसएससी और आज CUET, चार परीक्षाएं और एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। दावे “विश्वगुरु” के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते – मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं – वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।

लगातार सरकार को घेर रहे हैं राहुल

राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की निगरानी भी की थी। बता दें कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार नीट पेपर लीक और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने बताया कि शनिवार को देश भर के स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा कुछ केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण देरी से शुरू हुई।

पहले भी बोला था सियासी हमला

राहुल गांधी ने इससे पहले उन छात्रों के साथ अपनी एक बातचीत का वीडियो भी साझा किया था, जिन्होंने नीट परीक्षा दी थी और पेपर लीक की घटनाओं के मद्देनजर परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा था कि नीट छात्रों से मुलाकात में एक बात बिल्कुल साफ हो गई- भारत का युवा नरेंद्र मोदी पर भरोसा नहीं करता।  

बीजेपी हुई हमलावर

नीट पेपर लीक और सीबीएसई की अब राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी भी हमलावर हो गई है। बीजेपी नेता और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राहुल गांधी के तंज पर नसीहत दे डाली। बीजेपी ने नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा अपरिपक्व नेता की तरह बात करते हैं। विपक्ष के नेता ने जिम्मेदारी दिखाने के बजाय सनसनी फैलाने का रास्ता चुना है।

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