डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत कपाली ओपी क्षेत्र के इस्लामनगर में हुए सनसनीखेज फायरिंग मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रंगदारी और जमीन विवाद को लेकर दिनदहाड़े गोलीबारी करने वाले मुख्य आरोपी अशफाक अहमद उर्फ बल्लू (42 वर्ष) को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से धर दबोचा है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। शुक्रवार को चांडिल एसडीपीओ कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीओ शिव प्रकाश कुमार ने इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया।
क्या है पूरा मामला?
तारीख और समय: 2 जून, दोपहर करीब 1:00 बजे।
घटनास्थल: इस्लामनगर, कपाली ओपी क्षेत्र।
विवाद की वजह: जमीन पर अवैध कब्जा, विवाद और रंगदारी।
शिकायतकर्ता: अफसर नवाज (पीड़ित)।
वारदात की कहानी
2 जून को इस्लामनगर में अफसर नवाज अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी दौरान रंगदारी की मांग को लेकर पहुंचे बदमाशों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में अफसर नवाज बाल-बाल बच गए, लेकिन दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पीड़ित के बयान के आधार पर कपाली ओपी में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने बिछाया जाल, बंगाल से हुई गिरफ्तारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, भौतिक साक्ष्यों को जुटाया और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। इसके आधार पर मुख्य आरोपी बल्लू की लोकेशन ट्रैक की गई और 4 जून को उसे पश्चिम बंगाल के बराबाजार स्थित पुलिया रोड से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अशफाक अहमद उर्फ बल्लू कपाली के इस्लामनगर का ही रहने वाला है। वह शातिर किस्म का अपराधी है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। साल 2022 में भी कपाली ओपी में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था।
इस टीम को मिली कामयाबी
इस त्वरित कार्रवाई में कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार, सब-इंस्पेक्टर रंजीत कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता हीरालाल मुंडा, टाइगर मोबाइल के जवान विपुल कुमार तिवारी व दस्तगीर आलम समेत पुलिस की तकनीकी शाखा की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
अभी कई सवाल बाकी
मुख्य आरोपी बल्लू की गिरफ्तारी भले ही पुलिस की एक बड़ी कामयाबी हो, लेकिन स्थानीय लोगों के जेहन में अब भी कई सवाल तैर रहे हैं। कपाली और आस-पास के इलाकों में सक्रिय रंगदारी और अवैध हथियारों का नेटवर्क पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को कब तक सलाखों के पीछे भेजती है।

