सात फेरों से पहले धनबाद पुलिस की एंट्री, अधूरी रह गई शादी की रस्में

KK Sagar
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बिना अनुमति जेल के शिवालय में हो रहा था विवाह, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद दूल्हा-दुल्हन लौटे खाली हाथ

धनबाद। एक अनोखी शादी उस वक्त चर्चा का विषय बन गई जब जेल परिसर के अंदर स्थित शिवालय में चल रहा विवाह समारोह पुलिस ने बीच में ही रुकवा दिया। दूल्हा-दुल्हन सात फेरे लेने की तैयारी में थे, रिश्तेदार विवाह की रस्मों में व्यस्त थे, तभी पुलिस की एंट्री ने पूरे माहौल को बदल दिया।

जानकारी के अनुसार, आरा निवासी दिलीप यादव और धनबाद के पाथरडीह की रहने वाली कंचन का विवाह शुक्रवार दोपहर जेल परिसर स्थित शिव मंदिर में कराया जा रहा था। करीब 1:30 बजे दोनों परिवारों की मौजूदगी में वैवाहिक रस्में चल रही थीं। इसी दौरान सूचना मिलने पर जेल पुलिस मौके पर पहुंची और शादी को तत्काल रोक दिया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जेल परिसर में बिना अनुमति विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा था, जो जेल मैनुअल के नियमों के खिलाफ है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने समारोह बंद कराया और मौके पर मौजूद पुरोहित को भी फटकार लगाई।

अचानक पुलिस कार्रवाई से दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजन असमंजस में पड़ गए। कुछ ही देर में शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और सभी लोगों को वहां से लौटना पड़ा।

दूल्हा और दुल्हन ने बताया कि उनकी शादी फिलहाल अधूरी रह गई है। अब परिवार किसी अन्य मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह संपन्न कराने की तैयारी कर रहा है।

इस अनोखी घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोग इसे “शादी के मंडप में पुलिस की एंट्री” वाला मामला बताकर हैरानी जता रहे हैं।

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