डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : बिहार और झारखंड के बॉर्डर इलाकों में किसी बड़ी और सनसनीखेज महालूट को अंजाम देने आए चार अंतरराज्यीय अपराधियों के मंसूबों पर चतरा पुलिस ने पानी फेर दिया है। हंटरगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव से पुलिस ने हथियारों से लैस चार ऐसे शातिरों को दबोचा है, जो एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की आखिरी स्क्रिप्ट लिख रहे थे। पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल, एक देसी कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस बड़ी कामयाबी का खुलासा खुद चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
स्कूल परिसर बना था ‘क्राइम का कंट्रोल रूम’
मिली जानकारी के मुताबिक अपराधियों ने अपनी सीक्रेट मीटिंग के लिए डुमरिया गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर को चुना था। उन्हें लगा था कि स्कूल परिसर में उन पर किसी की नजर नहीं पड़ेगी। लेकिन चतरा एसपी को इसकी भनक लग गई। सूचना मिलते ही बिना वक्त गंवाए सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन और हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में एक स्पेशल स्ट्राइक टीम का गठन किया गया। जब पुलिस टीम ने स्कूल परिसर की घेराबंदी की, तो पुलिस को अचानक सामने देख अपराधियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस जवानों ने चारों तरफ से घेरकर उन्हें दबोच लिया।
कौन हैं ये गिरफ्तार क्राइम पार्टनर?
पकड़े गए अपराधियों में तीन बिहार के बड़े शातिर हैं, जबकि एक स्थानीय लाइनर की भूमिका में था।
गौतम पासवान – (निवासी: बाराकला, कोठी, गया, बिहार) – इस गैंग का मुख्य मोहरा, जिस पर पहले से ही बिहार और झारखंड के अलग-अलग थानों में 9 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।
प्रवीण कुमार – (निवासी: जायगीर, बाराचट्टी, गया, बिहार)
विकास मांझी – (निवासी: पतवास, फतेहपुर, गया, बिहार)
चिंटू पासवान – (निवासी: पिंडरा, हंटरगंज, चतरा) – जो स्थानीय स्तर पर रेकी और मदद मुहैया करा रहा था।
बिहार-झारखंड के क्राइम सिंडिकेट की खुलेगी कुंडली
चतरा एएसपी अनिमेष नैथानी के अनुसार चतरा पुलिस अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इन अपराधियों की गिरफ्तारी से एक बहुत बड़ी वारदात समय रहते टल गई है। मुख्य आरोपी गौतम का पुराना आपराधिक इतिहास है और बाकी के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। इनके पूरे इंटरस्टेट नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग को हथियार कहां से सप्लाई हो रहे थे और हंटरगंज इलाके में इनका अगला ‘टारगेट’ कौन था? इस गिरफ्तारी के बाद से बिहार के गया और झारखंड के चतरा जिला पुलिस की टीमें आपसी समन्वय बनाकर इस पूरे अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट को खंगालने में जुट गई हैं।

