ट्रेन में सफर के दौरान ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने अपने नाम का गलत इस्तेमाल कर यात्रियों से ठगी करने वाले 14 फर्जी ई-कैटरिंग वेबसाइटों और ऐप्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इन प्लेटफॉर्म्स पर यात्रियों की निजी जानकारी और पैसे ठगने का आरोप है।
आईआरसीटीसी के अनुसार कई निजी वेबसाइट और मोबाइल ऐप खुद को रेलवे की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा बताकर यात्रियों से पीएनआर नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और ऑनलाइन भुगतान संबंधी जानकारी प्राप्त कर रहे थे। इसके बाद यात्रियों को न तो भोजन मिलता था और न ही कई मामलों में भुगतान वापस किया जाता था।
आईआरसीटीसी ने बताया कि इन प्लेटफॉर्म्स को पहले 18 फरवरी 2026 को कानूनी नोटिस भेजा गया था। इसके बावजूद गतिविधियां जारी रहने पर 16 मार्च और 11 अप्रैल 2026 को आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई। जांच के बाद संबंधित ऑपरेटरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
इन 14 वेबसाइट और ऐप्स पर हुई कार्रवाई
आईआरसीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही ट्रेन में भोजन बुक करें और किसी भी अनजान वेबसाइट या ऐप पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 तक आईआरसीटीसी की ई-कैटरिंग सेवा देश के 400 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध थी। इस सेवा से 5,600 से अधिक खाद्य विक्रेता जुड़े हुए हैं और अप्रैल 2026 में प्रतिदिन औसतन 1.55 लाख से अधिक भोजन ऑर्डर किए गए।

