डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमाओं के बीच चल रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज वाले ऑपरेशन में भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस पूरे काले कारोबार के तार झारखंड के गुमला जिले से जुड़े हैं, जहां के रहने वाले मोहम्मद शमशेर खान को इस नेटवर्क का मुख्य सप्लायर बताया जा रहा है। इस खुलासे के बाद गुमला के जारी थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जंगल में घेराबंदी कर दबोचे गए तस्कर
यह पूरी कार्रवाई जशपुर पुलिस की विशेष गश्ती के दौरान शुरू हुई। पुलिस टीम को सारूडीह रोड पर एक संदिग्ध कार दिखाई दी। जब पुलिस ने उसे रोकने का इशारा किया, तो कार सवार तस्कर वाहन छोड़कर पास के हाथीसार जंगल की तरफ भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने भी बिना वक्त गंवाए पीछा किया और जंगल को चारों तरफ से घेरकर तीन आरोपियों को दबोच लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। गाड़ी के अंदर भारी मात्रा में प्रतिबंधित और घातक नशीले इंजेक्शनों का जखीरा छिपाकर रखा गया था।
पूछताछ में खुला गुमला कनेक्शन
पकड़े गए आरोपियों ने जब पुलिसिया पूछताछ में मुंह खोला, तो इस रैकेट का झारखंड कनेक्शन सामने आया। आरोपियों ने कुबूल किया कि वे ये सारे नशीले इंजेक्शन गुमला जिले के जारी थाना अंतर्गत तिगरा गांव के निवासी मोहम्मद शमशेर खान से खरीदकर लाते थे। इस इनपुट के आधार पर जशपुर पुलिस ने फौरन जाल बिछाया और शमशेर खान को गिरफ्तार कर लिया। वही इस मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी अरुण राम को पुलिस ने अंबिकापुर से दबोचा। इस मामले में अब तक कुल 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
लाखों की ड्रग्स और गाड़ियां जब्त
पुलिस ने तस्करों के पास से करीब 3.98 लाख रुपये की कीमत के नशीले पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए हैं, जिनमें रेक्सोजेसिक (ब्यूप्रेनॉर्फिन) इंजेक्शन 865 एमएल, एविल इंजेक्शन 1200 शीशियां, एक कार और एक मोटरसाइकिल, 4 मोबाइल फोन और 6,500 कैश शामिल है। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ग) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
स्थानीय इंटेलिजेंस पर उठे गंभीर सवाल
शमशेर खान का नाम सामने आने के बाद गुमला के जारी इलाके में स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और चिंता है कि उनके शांत इलाके में इतना बड़ा नशे का नेटवर्क फल-फूल रहा था और स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी। लोगों का कहना है कि
अगर छत्तीसगढ़ पुलिस इस नेटवर्क को नहीं पकड़ती, तो हमारे इलाके के युवा इस लत का शिकार होते रहते। आखिर स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
ग्रामीणों ने अब मांग की है कि गुमला और क्षेत्र के युवाओं को खोखला कर रहे इस नशे के जाल के खिलाफ व्यापक जांच हो और इसमें शामिल स्थानीय मददगारों को भी बेनकाब किया जाए।
पुलिस की सख्त चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर के एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने साफ कर दिया है कि सीमाओं के पार चल रहे इस अवैध धंधे को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में ऐसे तस्करों के खिलाफ और भी सख्त अभियान चलाया जाएगा।

