होर्मुज में तीन भारतीयों की मौत पर अमेरिकी बयान से भड़के शशि थरूर, बोले-यह कैसी दोस्ती?

Neelam
By Neelam
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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने होर्मुज में तीन भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत को लेकर शनिवार को अमेरिका की आलोचना की और वॉशिंगटन के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा अमेरिका ने निर्दोष भारतीयों की मौत पर कोई अफसोस नहीं जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक रणनीतिक साझेदार देश निर्दोष भारतीयों की मौत पर इतना संवेदनहीन कैसे हो सकता है।

बेगुनाह भारतीयों की मौत पर भड़के थरूर

ओमान की खाड़ी में कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीयों की मौत के बाद देश के आम नागरिक से लेकर नेताओं ने इस मामले में कड़ी एवं तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अमेरिका के इस एक्शन पर नाराजगी जताई है। कांग्रेस नेता ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका का आधिकारिक बयान पढ़कर गहरा सदमा लगा है, जिसमें बेगुनाह भारतीयों की मौत पर अफसोस या संवेदना जाहिर करने वाली कोई बात नहीं है।

अमेरिकी बयान पर जताई नाराजगी

थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘अमेरिकी बयान में निर्दोष भारतीयों की जान जाने पर कोई दुख या संवेदना नहीं जताई गई है। उन्होंने सवाल किया कि एक दोस्त और रणनीतिक साझेदार इतना संवेदनहीन कैसे हो सकता है? थरूर के अनुसार, अगर कोई व्यापारिक जहाज नियमों का पालन नहीं कर रहा था, तो उसे रोकने के लिए जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल क्यों किया गया?’

पूछा- जहाज रोकने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल क्यों नहीं?

कांग्रेस सांसद थरूर ने सवाल उठाया कि संबंधित जहाज को रोकने के लिए दूसरे तरीकों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने पूछा, नियम न मानने वाले कमर्शियल जहाज को दूसरे तरीकों से क्यों नहीं रोका जा सका? उन्होंने आगे कहा, क्या मिसाइल दागे बिना जहाज के प्रोपल्शन या स्टीयरिंग को बेकार करना मुमकिन नहीं है?

क्या था अमेरिका का बयान ?

अमेरिकी बयान में कहा गया था कि मार्को रूबियो ने जयशंकर से होर्मुज जलडमरूमध्य की घटनाओं पर चर्चा की। रूबियो ने अपने बयान में कहा, सभी व्यापारिक जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी पाबंदियों का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध व्यापार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने कहा कि वह इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।


क्या है मामल?

दरअसल, अमेरिकी नौसैनिकों ने 8 जून को ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक कमर्शियल तेल टैंकर पर हमला कर दिया था। जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई अमेरिका ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि जहाज ने नौसैनिक प्रतिबंधों का उल्लंघन किया था। इस जहाज कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे। जहाज में आग लगने के बावजूद 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, बता दें कि एमटी सेटबल नाम के टैंकर को निशाना बनाया गया था। इसके बाद 11 जून 2026 को अमेरिका ने एमटी जलवीर नाम के जहाज पर दो मिसाइलें फायर की थीं।

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