डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : कभी-कभी एक छोटी सी बहस और गुस्से का एक पल किसी हंसते-खेलते परिवार को इस कदर तबाह कर सकता है, इसका खौफनाक उदाहरण पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर में देखने को मिला है। महज कुछ दिनों पहले हुए एक मामूली विवाद की कीमत 20 साल के युवक मुकेश बारजो को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। छोटा महुलडीहा गांव का रहने वाला मुकेश अचानक लापता हो गया था। घरवाले हर तरफ उसकी तलाश कर रहे थे, आंखें दरवाजे पर टिकी थी कि शायद वह लौट आए। लेकिन 15 जून को काटेपाड़ा जंगल के सुखदेवलंगर नाला के पास से जब पुलिस ने एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया, तो परिवार की सारी उम्मीदें टूट गई। शव मुकेश का ही था।
धमकी बनी हकीकत, आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस की तफ्तीश में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। कुछ दिन पहले मुकेश का गांव के ही फंटुस लागुरी नाम के युवक से किसी बात पर विवाद हुआ था। उस वक्त बात इतनी बढ़ी कि आरोपी फंटुस ने मुकेश को सरेआम जान से मारने की धमकी दे डाली थी। किसी ने नहीं सोचा था कि वह इस धमकी को हकीकत में बदल देगा। मुकेश की पत्नी बुधनी गोप बारजो की शिकायत पर पुलिस तुरंत एक्शन में आई। एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ रफाएल मुर्मू के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम बनाई गई। पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मुखबिरों की मदद से आरोपी फंटुस लागुरी को दबोच लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
जांच में जुटी पुलिस
मामला सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी पर आकर नहीं रुका है। पुलिस अब इस मर्डर मिस्ट्री की हर परत को खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मुकेश की हत्या में फंटुस के साथ कोई और भी शामिल था। शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था। इसलिए पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक (वैज्ञानिक) साक्ष्यों का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सही कारणों और वक्त का पता चल सके। इस खौफनाक वारदात के बाद छोटा महुलडीहा और आसपास के इलाकों में सन्नाटा पसरा है। गांव के एक युवा की इस तरह बेरहमी से हत्या के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की स्पीडी ट्रायल हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।

