डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : टाटा स्टील के करीब 10,500 कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। पिछले लंबे समय से लंबित पड़े वेज रिवीजन समझौते पर आगामी 24 या 25 जून को अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना बन गई है। टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार जारी मैराथन वार्ताओं के बाद इस ऐतिहासिक समझौते का रास्ता साफ होता दिख रहा है।
ग्लोबल चुनौतियों का हवाला, 7.5% के फॉर्मूले पर अटकी थी बात
1 जनवरी 2025 से लंबित इस बहुप्रतीक्षित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों पक्षों ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रबंधन की ओर से वैश्विक वित्तीय चुनौतियों का हवाला देते हुए शुरुआती दौर में 7.5% से आगे बढ़ने पर असमर्थता जताई गई थी। हालांकि, यूनियन के अडिग रुख और लगातार दबाव के बाद दोनों पक्षों के बीच अब एक आम सहमति बनती दिख रही है। अगर यह समझौता इस बार संपन्न होता है, तो यह पूरे 7 साल (84 महीने) की लंबी अवधि के लिए प्रभावी रहेगा।
पेंच कहां फंसा है?जानिए मुख्य बिंदु
एमजीबी पर खींचतान: यूनियन विशेष तौर पर कर्मचारियों के हित में 13% मिनिमम गारंटीड बेनिफिट की मांग पर अड़ी हुई है।
डीए पॉइंट वैल्यू: महंगाई भत्ते के पॉइंट वैल्यू को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच बारीक स्तर पर मोलतोल जारी है।
टिनप्लेट फॉर्मूला: यूनियन ने मांग रखी है कि बेसिक और डीए के साथ-साथ बढ़े हुए भत्तों का भुगतान भी पूरे 17 महीने के एरियर (बकाया) के साथ किया जाए।
टिनप्लेट फॉर्मूले से कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
अगर टिनप्लेट फॉर्मूला लागू होता है, तो टाटा स्टील के योग्य कर्मचारियों को सीधे 1.80 लाख रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक का एकमुश्त नकद लाभ मिल सकता है। इसी सिलसिले में अंतिम निर्णय पर पहुंचने के लिए 22 जून को एक और बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक बुलाई गई है।
एनएस ग्रेड और ओल्ड सीरीज की वार्ता की स्थिति
यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने स्पष्ट किया कि ओल्ड सीरीज के वेतनमान को लेकर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन रास्ता अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर, एनएस ग्रेड को लेकर वार्ता का एक दौर पूरा हो चुका है, लेकिन डीए के मुद्दे पर अभी भी मैनेजमेंट की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव तैयार नहीं हो पाया है। करीब 47 दौर की बैठकें होने के बावजूद स्थिति अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है, जिसके जून के आखिरी सप्ताह तक सुलझने की उम्मीद है।
सहायक कंपनियों में भी सुधार की मांग: टीएसडीपीएल कैंटीन पर हंगामा
टाटा स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोडक्ट लिमिटेड की कैंटीन कमेटी की बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों ने खाने की खराब क्वालिटी को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यूनियन ने दो टूक शब्दों में प्रबंधन से कहा कि यदि कैंटीन के भोजन और कैटरर की व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो कर्मचारी कैंटीन मद में अपना अंशदान देना बंद कर देंगे। इसके अलावा, कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर आवंटन और बुनियादी सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

