डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव यानी चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के तहत पोटका प्रखंड कार्यालय में विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) के लिए एक अहम प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने साफ तौर पर कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र के लिए बिना किसी गलती वाली और अपडेटेड वोटर लिस्ट सबसे जरूरी है। उन्होंने बीएलए-2 को निर्वाचन प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
वोटर लिस्ट से हटेंगे फर्जी नाम, जुड़ेंगे नए मतदाता
डीसी राजीव रंजन ने प्रशिक्षण के दौरान कहा कि बीएलए-2 की सक्रियता से वोटर लिस्ट की हर गड़बड़ी को दूर किया जा सकता है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे सकारात्मक सहयोग दें, ताकि हर पात्र नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके। मृत या स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जा सकें। फर्जी या दोहरी प्रविष्टियों को चिन्हित कर लिस्ट को एकदम शुद्ध बनाया जाए।
फॉर्म 6, 7 और 8 की मिली ट्रेनिंग, गलत जानकारी दी तो होगी जेल
प्रशिक्षण के दौरान बीएलए-2 को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, सुधार करने या हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6, 7 और 8 की बारीकियों से अवगत कराया गया।
बड़ी चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बीएलए-2 जो भी आवेदन जमा करेंगे, उसके साथ एक लिखित घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा। अगर किसी भी आवेदन में गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आवेदन जमा करने के लिए तय हुई लिमिट
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने आवेदन जमा करने की एक सख्त सीमा तय की है, जिसके बारे में ट्रेनिंग में विस्तार से बताया गया। सामान्य परिस्थिति में कोई भी बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन ही जमा कर सकता है। प्रारूप प्रकाशन से पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए को सामूहिक रूप से प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन जमा करने की छूट होगी। प्रारूप प्रकाशन के बाद प्रारूप प्रकाशन के बाद यह सीमा प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन की होगी। अगर कोई बीएलए निर्धारित सीमा से अधिक आवेदन प्राप्त करता है, तो संबंधित ERO/AERO द्वारा उन सभी आवेदनों की दोबारा गहन जांच (री-वेरिफिकेशन) की जाएगी।
विशेष शिविरों में मुस्तैद रहेंगे एजेंट
आगामी दिनों में निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में बीएलए-2 को अपने-अपने मतदान केंद्रों पर बीएलओ के साथ अनिवार्य रूप से मौजूद रहना होगा, ताकि दावों और आपत्तियों का मौके पर ही निपटारा किया जा सके और एक पारदर्शी मतदाता सूची तैयार हो सके।

