जमुनिया, कतरी और दामोदर नदी पर संयुक्त निरीक्षण के आदेश, ओवरबर्डन डंप करने वालों पर होगी नामजद FIR
धनबाद में अवैध खनन और ओवरबर्डन डंपिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिले से गुजरने वाली जमुनिया, कतरी और दामोदर नदी के किनारे यदि अवैध खनन या ओवरबर्डन डंप पाया गया तो संबंधित अंचल अधिकारी (CO) और थाना प्रभारी को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
न्यू टाउन हॉल में आयोजित जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम को तीनों नदी तटों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी किनारे ओवरबर्डन डंप करना भी अवैध खनन के समान अपराध है और दोषियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाए।
उपायुक्त ने बिना ढंके कोयला ढोने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए जिला परिवहन विभाग को विशेष जांच अभियान चलाने को कहा। साथ ही संभावित अवैध खनन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर नदी तटों को सुरक्षित करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। माइनर मिनरल के 95 वाहन जब्त कर 13 प्राथमिकी दर्ज की गई और 28.67 लाख रुपये की वसूली की गई। वहीं अवैध कोयला खनन के मामलों में 106 FIR, 76 वाहन, 1085.40 टन कोयला जब्त किया गया तथा 32 लोगों की गिरफ्तारी हुई।
बीसीसीएल ने भी बताया कि सितंबर 2025 से मई 2026 तक ड्रोन सर्विलांस के जरिए 446 अवैध खनन मामलों का पता लगाया गया, जिनमें 201 मामलों में कार्रवाई करते हुए 53 टन कोयला बरामद किया गया।

