डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की एक छात्रा सहित तीन मासूमों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य स्तरीय टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और जमीनी हकीकत का जायजा लिया। हालांकि अभियान के तीसरे दिन भी 6 नए मरीज मिलने से कुल संक्रमितों का आंकड़ा 15 पहुंच गया है।
जमीनी हकीकत: संसाधनों की भारी कमी आई सामने
विधायक संजीव सरदार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह बात खुलकर सामने आई कि स्वास्थ्य केंद्र संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
स्प्रे पंप की कमी: पूरे सीएचसी पोटका में मच्छरों को मारने वाले आईआरएस छिड़काव के लिए केवल 2 पंप उपलब्ध थे, जिससे समय पर छिड़काव नहीं हो पा रहा था।
कर्मचारियों का टोटा: इतने बड़े प्रखंड में मलेरिया जांच के लिए मात्र 5 एमपीडब्ल्यू कर्मी ही तैनात हैं।
दवाइयों की किल्लत: अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता भी सीमित थी।
संक्रमण की वजह: अधिकारियों के अनुसार पूर्व में डीडीटी का छिड़काव बंद होने और हाल ही में हुए हरिणा मेला के बाद से संक्रमण तेजी से फैला है। हरिणा, ढेंगाम, उदाल और कोवाली को पहले ही मलेरिया जोन चिह्नित किया गया था।
संकट से निपटने के लिए लिए गए बड़े फैसले
अतिरिक्त पंपों की व्यवस्था: 4 अतिरिक्त स्प्रे पंप तुरंत उपलब्ध करा दिए गए हैं और जरूरत पड़ने पर राज्य स्तर से 50 और पंप भेजे जाएंगे।
जांच किट की आपूर्ति: सघन जांच अभियान चलाने के लिए 3600 मलेरिया जांच किट तुरंत आवंटित की गई हैं।
दवा खरीदने की छूट: दवाओं की कमी न हो, इसके लिए सीएचसी स्तर पर सीधे दवा खरीदने के अधिकार दिए गए हैं।
डेली मॉनिटरिंग: अब हर दिन मलेरिया की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट सीधे राज्य मुख्यालय भेजी जाएगी।
कुल 15 संक्रमित मरीजों की सूची
जांच के तीसरे दिन कस्तूरबा स्कूल से 2 और निजी क्लीनिकों से 4 नए मरीज मिले हैं। अब तक संक्रमित पाए गए लोगों में शामिल हैं। निशा सरदार, लक्ष्मी टुडू, प्रियंका महाकुड़, एम. सबर, मिंकी सबर, सुकुरमनी भूमिज, दिलीप भूमिज, संप्रिया सिंह, हिंदी सरदार, कापरा टुडू, प्रिया सरदार, कार्तिक सिंह, अजीत भूमिज, कालीपदो हांसदा और एक अन्य मरीज।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
इस समीक्षा बैठक और निरीक्षण में विधायक संजीव सरदार के साथ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी महाकुड़, राज्य स्तरीय कंसल्टेंट विनय कुमार, जयंत कुमार, अनील कुमार, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धाउड़िया, डब्ल्यूएचओ के अखिलेश, पिरामल फाउंडेशन के शशिभूषण प्रसाद, आर. अंजलि, अन्नु कुमारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, सोते समय अनिवार्य रूप से मच्छरदानी का प्रयोग करें और बुखार आने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं।

