राजनाथ सिंह ने पत्र भेजकर क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता को सराहा, रक्षा निर्माण से जुड़ी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील।
धनबाद: धनबाद-बोकारो औद्योगिक क्षेत्र को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग) केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सांसद ढुलू महतो की पहल को केंद्र सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पत्र भेजकर बताया है कि मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर संज्ञान लिया है और झारखंड की औद्योगिक क्षमता को रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना है।
सांसद ढुलू महतो ने केंद्र सरकार के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि बोकारो स्टील प्लांट, मजबूत औद्योगिक ढांचा, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, कुशल मानव संसाधन और MSMEs के बड़े नेटवर्क को देखते हुए धनबाद-बोकारो को विशेष रक्षा विनिर्माण हब के रूप में विकसित किया जाए। उनका कहना था कि इससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी, साथ ही क्षेत्र में बड़े निवेश और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
रक्षा मंत्री के जवाब में कहा गया है कि झारखंड में रक्षा उद्योग के विकास के लिए अनुकूल औद्योगिक और MSME इकोसिस्टम मौजूद है। केंद्र सरकार निजी रक्षा उद्योगों को बढ़ावा देने, रक्षा लाइसेंस जारी करने, iDEX के माध्यम से नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा SRIJAN पोर्टल जैसी पहलों के जरिए स्वदेशी रक्षा उत्पादन को लगातार मजबूत कर रही है। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जमशेदपुर में रक्षा क्षेत्र से जुड़े MSMEs को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कॉन्क्लेव का भी आयोजन किया गया था।
रक्षा मंत्रालय ने धनबाद और बोकारो के उद्योगों एवं उद्यमियों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार की इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और रक्षा विनिर्माण की वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा बनें।
इस पर सांसद ढुलू महतो ने कहा कि धनबाद-बोकारो में रक्षा उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं हैं। यदि इस क्षेत्र को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाता है, तो यह न केवल झारखंड बल्कि पूरे पूर्वी भारत के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र को देश के रक्षा उत्पादन मानचित्र पर स्थापित करने और यहां रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए वे आगे भी केंद्र सरकार के समक्ष लगातार प्रभावी पैरवी करते रहेंगे।

