बिहार में 20 से ज्यादा जिलों में बारिश-वज्रपात का अलर्ट, 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

Neelam
By Neelam
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बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण बिहार में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार सोमवार को राजधानी पटना समेत राज्य के करीब 23 जिलों में आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

मानसून को रफ्तार मिलने की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी की ओर बने हालिया निम्न वायुदाब की गतिविधियों के कारण बिहार में मानसून को दोबारा रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में पुरवा हवा का प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते रविवार को भी पटना और आसपास के इलाकों में दोपहर बाद अचानक घने बादल छा गए और करीब पांच मिनट तक झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सिस्टम के कारण चालू सप्ताह के दौरान बारिश की स्थिति में आंशिक रूप से सुधार देखने को मिलेगा।

कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने आज कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अरवल, बेगूसराय, दरभंगा, जहानाबाद, लखीसराय, मधुबनी, नालंदा, पटना, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सुपौल और वैशाली जिलों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात के आसार हैं। कैमूर (भभुआ), रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई, बांका, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा और लखीसराय में गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है।

सामान्य से कम बारिश के अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 7 से 10 दिनों तक राज्य में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज हो सकती है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि पूरे जुलाई महीने में सामान्य से कम बारिश रहने का पुराना अनुमान अभी भी बरकरार है। इस साल मानसून के समय पर सक्रिय न होने या दगा देने के कारण पूरे बिहार में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य भर में अब तक सामान्य से 55% कम बारिश दर्ज की गई है।

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