जमशेदपुर में मलेरिया का तांडव! DC राजीव रंजन का कड़ा एक्शन- ‘अब युद्धस्तर पर होगा वार’

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने एक उच्चस्तरीय बैठक कर साफ कर दिया है कि इस बीमारी से निपटने के लिए अब युद्धस्तर पर काम होगा। प्रशासन का सीधा मंत्र है: त्वरित जांच, तुरंत इलाज और मच्छरों पर सीधा प्रहार।

मिशन मोड’ में प्रशासन: 1 लाख जांच का लक्ष्य
मलेरिया की चेन को तोड़ने के लिए प्रशासन ने टेस्टिंग की रफ्तार को पांच गुना बढ़ाने का फैसला किया है।

अब तक की स्थिति: जिले में अब तक 22 हजार मलेरिया जांच की जा चुकी हैं। उपायुक्त ने इसे बढ़ाकर 1 लाख जांच करने का बड़ा लक्ष्य दिया है।

प्राइमरी हेल्थ नेटवर्क: गांवों में तैनात सहियाओं को रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट का विशेष प्रशिक्षण देकर सीधे जमीन पर उतारा जाएगा, ताकि गांव स्तर पर ही मरीजों की पहचान हो सके।

30 मिनट में एम्बुलेंस और डिजिटल निगरानी
गंभीर मरीजों की जान बचाने और दवाओं के सही इस्तेमाल के लिए इस बार हाईटेक और त्वरित रणनीति अपनाई जा रही है।

आधे घंटे में रिस्पॉन्स: किसी भी गंभीर मरीज को आवश्यकता पड़ने पर 30 मिनट या उससे कम समय में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया गया है। इसके लिए प्रखंडों में बैकअप गाड़ियां भी तैयार रहेंगी।

डिजिटल मॉनिटरिंग: मरीज मलेरिया की दवाएं नियमित खा रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी फोटो, व्हाट्सएप और जीपीएस आधारित रिपोर्टिंग के जरिए की जाएगी।

हॉस्टल और कैंपों पर नजर: सभी आवासीय विद्यालयों, हॉस्टलों और सामूहिक परिसरों में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।

जलजमाव पर एक्शन और नालों की विशेष सफाई
मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नगर निकायों को अगले 3 से 4 दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाने का अल्टीमेटम दिया गया है। इसके तहत शहर और उससे सटे इलाकों के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई की जाएगी ताकि कहीं भी पानी जमा न हो पाए।

फॉगिंग और स्प्रे के लिए कड़े निर्देश
जिन पंचायतों में फॉगिंग मशीन नहीं है, वहां तुरंत मशीनें भेजी जा रही हैं। मलेरिया प्रभावित इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर रोस्टर बनाकर रोजाना फॉगिंग होगी। इंडोर रेजिडुअल स्प्रे यानी घरों के अंदर होने वाले छिड़काव की गुणवत्ता सुधारने के लिए फील्ड टीमों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

बीडीओ और एमओआईसी को डेली फीडबैक का जिम्मा
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जितनी शीघ्र हमारी प्रतिक्रिया होगी, उतनी तेजी से संक्रमण पर नियंत्रण लगेगा। अब सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और चिकित्सा प्रभारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करना होगा। बीडीओ हर दिन अपने फील्ड स्टाफ से नए मरीजों का फीडबैक लेंगे और हर प्रखंड स्तरीय बैठक में मलेरिया नियंत्रण की समीक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में मलेरिया जांच किट, जरूरी दवाओं और कीटनाशकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी साथ-साथ चलाया जाएगा।

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