एक साल में बदली धनबाद की शिक्षा की तस्वीर! 464 स्कूल बनेंगे एक्सीलेंस मॉडल, 20 हजार छात्रों को मिली साइकिल

KK Sagar
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उपायुक्त आदित्य रंजन ने पेश की वार्षिक रिपोर्ट, स्मार्ट लाइब्रेरी, स्किल सेंटर और स्कूलों के कायाकल्प का रखा पूरा खाका

धनबाद: पिछले एक वर्ष में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलावों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने रविवार को समाहरणालय सभागार में पत्रकार वार्ता कर जिला प्रशासन की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।

उपायुक्त ने बताया कि जिले के विद्यालयों का 200 अंकों के मानकों पर मूल्यांकन किया गया। जिन स्कूलों ने 180 से अधिक अंक हासिल किए, उन्हें अतिरिक्त कक्ष, भवन मरम्मत और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए, जबकि कम अंक पाने वाले विद्यालयों को सुधार के लिए मार्गदर्शन दिया गया। इस पहल से छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की सक्रियता और विद्यालयों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है।

उन्होंने बताया कि धनबाद के 464 सरकारी विद्यालयों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम, अलग शौचालय, बाउंड्री वॉल, खेल मैदान, भोजनालय, मल्टीपरपज हॉल, बेंच-डेस्क, वाटर कूलर, हेल्थ किट और स्पोर्ट्स किट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की गईं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिसका सकारात्मक असर बोर्ड परीक्षा के परिणामों में भी दिखा। धनबाद राज्य के शीर्ष 10 जिलों में शामिल रहा, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले 21 विद्यालयों के शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

‘प्रोजेक्ट इम्पैक्ट सह-प्रयास’ के तहत विद्यालयों में शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और स्वच्छ वातावरण पर विशेष ध्यान दिया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग के सैकड़ों बीआरपी, सीआरपी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर शिक्षण गुणवत्ता में सुधार का प्रयास किया गया।

उपायुक्त ने बताया कि नेताजी आवासीय विद्यालय के 130 छात्रों को नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है। वहीं वर्ष 2025-26 में 20 हजार छात्रों को साइकिल वितरित की गई, ताकि विद्यार्थियों की विद्यालय तक पहुंच आसान हो सके।

उच्च शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए जिले में 10 स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें चार को स्वीकृति मिल चुकी है। साथ ही राजकीय पॉलिटेक्निक, आरएस मोर कॉलेज और अन्य संस्थानों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्रशिक्षण के बाद रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी होगी।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कई नए कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है। वहीं 59 जर्जर विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिनमें से आठ भवनों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है।

पत्रकार वार्ता के अंत में उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा सुधार का अभियान आगे भी जारी रहेगा और आधुनिक संसाधनों, बेहतर प्रशिक्षण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर धनबाद को झारखंड का अग्रणी शैक्षणिक जिला बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा।

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