बिना नोटिस बुलडोजर चला तो मचा बवाल, सरकार ने तीन नगर निगम अधिकारियों को थमाया शोकॉज नोटिस

KK Sagar
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आसनसोल में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर बवाल, तीन नगर निगम अधिकारियों को शोकॉज नोटिस

बिना नोटिस बुलडोजर कार्रवाई पर घिरे अधिकारी, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

आसनसोल: शहर के राहा लेन से हटन रोड तक चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर आसनसोल में राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को नगर निगम द्वारा बुलडोजर चलाकर की गई कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में हॉकर आसनसोल हॉकर्स यूनियन के बैनर तले सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने जीटी रोड जाम कर विरोध जताया और बाद में आसनसोल दक्षिण थाना पहुंचकर नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।

हॉकरों का आरोप है कि उन्हें न तो कोई पूर्व नोटिस दिया गया और न ही दुकानें हटाने के लिए पर्याप्त समय मिला। अचानक बुलडोजर चलने से उनकी दुकानें और सामान क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया। उन्होंने नुकसान की भरपाई और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग की।

विधायक ने उठाए कार्रवाई पर सवाल

प्रदर्शन के दौरान आसनसोल उत्तर के भाजपा विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे और नगर निगम की कार्रवाई को बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए किया गया कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने मनमाने तरीके से कार्रवाई कर सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया है। विधायक ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी राज्य नेतृत्व को दे दी गई है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

तीन अधिकारियों को शोकॉज नोटिस

विवाद बढ़ने के बीच राज्य सरकार ने आसनसोल नगर निगम के तीन अधिकारियों को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया है। इसकी जानकारी राज्य की शहरी विकास एवं नगर पालिका मामलों की मंत्री तथा आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने नगर निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

मंत्री ने कहा कि सरकार के स्पष्ट निर्देशों और विभागीय प्रक्रिया की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो निलंबन सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

15 दिन का नोटिस देने का था निर्देश

अग्निमित्रा पाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक समीक्षा बैठक में यह तय किया गया था कि सड़क किनारे बने अवैध नए ढांचों को हटाने से पहले संबंधित लोगों को 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। साथ ही दुर्गापूजा और छठ महापर्व को देखते हुए पुराने हॉकरों को तत्काल नहीं हटाने और उन्हें 10 नवंबर तक का समय देने का निर्णय लिया गया था।

उन्होंने कहा कि इन निर्देशों के बावजूद शुक्रवार को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना कार्रवाई कर कई दुकानों को तोड़ दिया गया, जो गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

पुनर्वास का दिया भरोसा

मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि छोटे व्यापारियों और हॉकरों की आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने बताया कि प्रभावित हॉकरों की सूची तैयार की जा रही है। पात्र लोगों के पुनर्वास के साथ उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि उनका रोजगार प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से पहले निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय दिया जाएगा। सरकार शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के साथ-साथ पारदर्शी प्रशासन और मानवीय संवेदनाओं के प्रति भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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