कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और दुनिया भर के लोगों को योग का संदेश दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ने वाली जीवनशैली है। उन्होंने योग को दुनिया को जोड़ने वाली शक्ति बताते हुए इसे मानवता के लिए भारत का अमूल्य उपहार बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21 जून अब केवल साल का सबसे लंबा दिन नहीं रह गया है, बल्कि यह दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग ने देशों, भाषाओं और संस्कृतियों की सीमाओं को पार कर लोगों को एक साथ लाने का काम किया है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ यानी स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था रखी गई है। केंद्र सरकार के अनुसार, योग को जीवनभर अपनाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में करीब 35 हजार लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। वहीं, देश और विदेश में बड़े पैमाने पर योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए। भारतीय मिशनों की ओर से दुनिया भर के लगभग 2,500 स्थानों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे योग का वैश्विक प्रभाव और मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और बेहतर समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

