बिहार में आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगता नहीं दिख रहा है। अब तो ऐसा लग रहा है प्रदेश में खाकी भी सुरक्षित नहीं है। बिहार में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने पुलिस महकमे की एक महिला जवान को ही अपनी हैवानियत का शिकार बना डाला।
महिला सिपाही का बहन के साथ अपहरण
घटना वैशाली जिले के गोरौल थाना क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात बेलवर हाट से सामान खरीदकर घर लौट रही महिला होमगार्ड सिपाही और उसकी छोटी बहन का रास्ते से अपहरण कर लिया गया। आरोपी ने अपने घर में दोनों बहनों को बंधक बनाकर रखा और महिला सिपाही के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। साथ ही उनकी नाबालिग छोटी बहन के साथ छेड़छाड़ करते हुए जबरदस्ती करने के प्रयास का मामला सामने आया है।
गांव के युवक और उनके साथियों पर आरोप
इस संबंध में पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप लगाया है कि उनकी दोनों पुत्री बेलवर हाट से सामान खरीद कर अपने लौट रही थी। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले सुबोध पासवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों बहनों का जबरन रास्ता रोका और उन्हें अगवा कर लिया।
घर पर पूरी रात बंधक बनाकर दुष्कर्म
आरोप है कि जब काफी देर तक दोनों बेटियां घर नहीं पहुंचीं, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की, जिसके बाद ग्रामीणों से पता चला कि आरोपी ने दोनों को अपने घर में बंधक बना रखा है। आरोपी सुबोध पासवान ने अपने घर के भीतर महिला सिपाही को पूरी रात बंधक बनाए रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान सिपाही की नाबालिग छोटी बहन के साथ भी छेड़छाड़ की गई और उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने दोनों बहनों को छुड़ाया
इसकी सूचना के बाद उन्होंने गोरौल पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अवर निरीक्षक अजय कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचकर उनके दोनों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया। दोनों को अर्द्ध मूर्छित अवस्था में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोरौल में भर्ती कराया। जहां से दोनों को सदर अस्पताल हाजीपुर रेफर कर दिया गया है। इस दौरान आरोपितों के पुलिस बलों के साथ धक्का-मुक्की करने की बातें भी सामने आई है। मौके का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी सुबोध पासवान मौके से फरार हो गया। इस संबंध में थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। छानबीन की जा रही है। उसके बाद इस घटना की प्राथमिकी की जाएगी।

