पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का तांडव: मासूम की मौत, छोटा भाई ‘ब्रेन मलेरिया’ से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया का प्रकोप जानलेवा होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि अंधविश्वास और समय पर इलाज न मिलने के कारण एक और मासूम की जान चली गई है। ताजा मामला पोटका प्रखंड के कोवाली थाना क्षेत्र स्थित नारदा गांव का है, जहां एक 12 वर्षीय बच्ची की बुखार से मौत हो गई, जबकि उसका छोटा भाई गंभीर रूप से ब्रेन मलेरिया का शिकार हो गया है।

अंधविश्वास और लापरवाही पड़ी भारी: घर पर ही तोड़ दिया दम
​मृतक बच्ची की पहचान नारदा गांव के कोंदा सरदार की 12 वर्षीय पुत्री अनीता सरदार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि परिजनों ने बच्ची की बीमारी की जानकारी न तो स्वास्थ्य विभाग को दी और न ही गांव की सहिया को।

परिजनों का दावा: मृतका के पिता मूक-बधिर हैं। परिजनों का मानना था कि बच्ची को पीलिया है और इसी अंधविश्वास में वे घर पर ही इलाज करते रहे, जिससे समय पर सही इलाज नहीं मिल सका और बच्ची ने दम तोड़ दिया।

ब्रेन मलेरिया की चपेट में भाई: बच्ची की मौत की सूचना मिलते ही जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका के प्रभारी डॉ. सुकांत सीट टीम के साथ गांव पहुंचे, तो वहां मृतक बच्ची का 5 वर्षीय छोटा भाई अजय सरदार भी तेज बुखार से तड़पता मिला।

काफी मशक्कत के बाद अस्पताल ले जाने को राजी हुए परिजन
​स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भी भारी विरोध और आनाकानी का सामना करना पड़ा। अंधविश्वास के कारण परिजन बीमार बच्चे को अस्पताल भेजने को तैयार नहीं थे। टीम द्वारा काफी समझाने-बुझाने और कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को CHC पोटका लाया गया।

आंकड़े डराने वाले: जिले में अब तक 9 की मौत, पोटका बना हॉटस्पॉट
​पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से अब तक कुल 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। बुधवार को जिले भर में कुल 13,143 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें से 86 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।
​इस संक्रमण में सबसे बुरा हाल पोटका प्रखंड का है, जहां सबसे ज्यादा 29 नए मरीज मिले हैं। वहीं, सदर अस्पताल में वर्तमान में 32 मरीजों का इलाज चल रहा है। जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की आईसीयू में भी मलेरिया से पीड़ित चार बच्चों को भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक बच्चे की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग की अपील
​मलेरिया के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित इलाकों में लगातार जांच शिविर, दवा वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। डॉक्टरों ने अपील की है कि बुखार आने पर उसे साधारण मानकर या अंधविश्वास के चक्कर में घर पर न बैठें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मुफ्त जांच और इलाज करवाएं।

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