‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से गूंजा पुरी, बारिश के बीच शुरू हुई विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा

KK Sagar
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लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, भगवान जगन्नाथ भाई-बहन के साथ गुंडिचा मंदिर के लिए हुए रवाना

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ भक्ति और उल्लास के साथ हुआ। ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष से पूरा पुरी गूंज उठा। लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सकी। लाखों श्रद्धालु भगवान के दर्शन और रथ खींचने के लिए पुरी की सड़कों पर उमड़ पड़े।

श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के सामने भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के तीनों भव्य रथ पूरी तरह सजकर तैयार खड़े रहे। पारंपरिक विधि-विधान के बाद भगवान अपने भक्तों के बीच निकलकर अपनी मौसी के घर माने जाने वाले गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए। धार्मिक मान्यता के अनुसार तीनों देवता वहां लगभग एक सप्ताह तक विराजमान रहेंगे, जिसके बाद बहुदा यात्रा के माध्यम से पुनः श्रीमंदिर लौटेंगे।

रथयात्रा की सबसे खास परंपरा यह है कि हर वर्ष भगवान के लिए नए लकड़ी के रथ बनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस संसार में सब कुछ नश्वर है, जबकि भगवान और उनकी लीलाएं ही शाश्वत हैं। इसी कारण हर साल नए रथों का निर्माण किया जाता है।

इस वर्ष भी तीन भव्य रथ तैयार किए गए हैं। भगवान जगन्नाथ 16 पहियों वाले नंदीघोष रथ, भगवान बलभद्र 14 पहियों वाले तालध्वज रथ और देवी सुभद्रा 12 पहियों वाले दर्पदलन रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। रथों की रस्सियां खींचने को लाखों श्रद्धालु स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं।

बारिश के बावजूद पूरे पुरी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ओडिशी नृत्य कलाकारों ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी प्रस्तुतियों की तैयारी जारी रखी और अंतिम रिहर्सल करते नजर आए। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने रथयात्रा के माहौल को और भव्य बना दिया।

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा अब केवल पुरी तक सीमित नहीं रह गई है। देश के कई शहरों में भी इस अवसर पर भव्य रथयात्राएं निकाली जाती हैं। गुजरात के अहमदाबाद की जगन्नाथ रथयात्रा भी देश की सबसे प्रसिद्ध यात्राओं में शामिल है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान की मंगला आरती में हिस्सा लिया।

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