अवैध कोयला कारोबार पर सीआईएसएफ का सख्त पहरा, बीसीसीएल के कई क्षेत्रों में चला मेगा जांच अभियान

KK Sagar
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287 वाहनों की जांच, ट्रांसपोर्ट एप से 203 दस्तावेजों का सत्यापन; कहीं नहीं मिली कोई अनियमितता

बाघमारा: भारत सरकार की जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत सीआईएसएफ धनबाद यूनिट ने शुक्रवार को बीसीसीएल के विभिन्न कोल परियोजना क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के तहत कोयला चोरी, अवैध परिवहन और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना था।

अभियान के दौरान बरौरा, गोविंदपुर, कतरास, सिजुआ, गोवर्धन, पुटकी, बस्ताकोला, लोदना, बेगुनिया और सीवी एरिया सहित बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख चेक पोस्ट, रेलवे साइडिंग, कोल डंप और परिवहन मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान कुल 287 वाहनों की जांच की गई, जबकि 203 वाहनों के परिवहन दस्तावेजों का ट्रांसपोर्ट एप के माध्यम से सत्यापन किया गया।

जांच में सभी वाहनों के दस्तावेज और परिवहन संबंधी अभिलेख निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए। किसी भी क्षेत्र में अवैध कोयला परिवहन, संदिग्ध वाहन या अन्य प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।

अभियान को सफल बनाने के लिए कंपनी कमांडरों, पोस्ट कमांडरों, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तथा अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, जिससे निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।

सीआईएसएफ अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा और जीरो कोल लीकेज टॉलरेंस पॉलिसी के प्रभावी पालन के लिए ऐसे विशेष जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि कोयला चोरी, अवैध खनन या अवैध परिवहन से जुड़ी किसी भी सूचना की जानकारी तत्काल सीआईएसएफ कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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