20 जुलाई से बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच अब तक उनके चुनाव प्रचार से दूर रहने और विधानसभा सत्र में संभावित अनुपस्थिति को लेकर सत्ता पक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
एनडीए नेताओं के निशाने पर तेजस्वी
20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की अवधि केवल 5 दिनों की है और ऐसे में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनडीए नेताओं ने इसे विपक्ष की जिम्मेदारी से जोड़ते हुए राजद पर हमला बोला है। तेजस्वी यादव के बार-बार सत्र से गायब रहने को बिहार की जनता का भी अपमान बताया है।
तेजस्वी की बिहार की राजनीति में रुचि कम- शाहनवाज हुसैन
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह राहुल गांधी को अपना आदर्श मानते हैं। उनके मुताबिक राहुल गांधी विदेश यात्रा से लौट आए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव अभी भी विदेश में हैं। शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बांकीपुर में उनकी पार्टी की उम्मीदवार अकेले प्रचार कर रही हैं, जबकि तेजस्वी यूरोप में हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जितना समय तेजस्वी यूरोप में बिताते हैं, उतना यदि बिहार में बिताते तो उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति अलग होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव की बिहार की राजनीति में रुचि कम दिखाई देती है।
नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी गैर-जिम्मेदाराना-जेडीयू
वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग पूछ रहे हैं कि तेजस्वी यादव कहां हैं। उनके अनुसार परसों से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और बांकीपुर में उपचुनाव भी चल रहा है। ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का राज्य से बाहर होना उचित संदेश नहीं देता। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि राजद के घटते जनाधार और उसकी विश्वसनीयता के लिए खुद तेजस्वी यादव जिम्मेदार हैं।
तेजस्वी अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से दूर-चिराग
केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि राजद के नेता इस समय कहां हैं। चिराग ने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद बांकीपुर उपचुनाव पार्टी के लिए अपनी ताकत दिखाने का अच्छा अवसर था, लेकिन नेता प्रतिपक्ष विदेश यात्रा में व्यस्त हैं। चिराग पासवान ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की जनता और अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए। उनके अनुसार, नेता प्रतिपक्ष का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है और ऐसे समय में जब उनकी पार्टी की उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, उन्हें प्रचार अभियान का नेतृत्व करना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों से दूर हैं, जिससे राजद की स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
20 जुलाई से शुरू हो रहा मानसून सत्र बता दें कि बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जो 24 जुलाई तक चलेगा। ऐसे समय में तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर हैं। ऐसे में उनके मानसून सत्र में शामिल होने को लेकर भी संशय बना हुआ है। नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।

