नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को दिल्ली से लेकर बिहार तक प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार की राजधानी पटना समेत दरभंगा और जहानाबाद में छात्र आंदोलन के नाम पर उपद्रव देखे गए। दरभंगा में हुए विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के मामले में नगर निगम की डिप्टी मेयर एवं कांग्रेस नेत्री नाजिया हसन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
डिप्टी मेयर नाजिया हसन सहित 54 लोगों पर नामजद केस
NEET परीक्षा में धांधली को लेकर गुरुवार को दरभंगा में हिंसक झड़प और पुलिस पर पथराव किया गया। अब इस केस में दरभंगा पुलिस ने डिप्टी मेयर नाजिया हसन सहित 54 लोगों के खिलाफ नामजद व 500 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है।
33 लोगों को जेल भेजा गया
प्राथमिकी लहेरियासराय थाना में 428/26 दर्ज की गई है। वहीं 91 लोगों को फोटो के आधार पर चिन्हित किया गया है। जबकि हिंसक प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए 33 लोगों को जेल भेज दिया गया है। इनमें 15 नाबालिग भी शामिल हैं। कुछ और लोगों की पहचान भी कर ली गई है, उनके लिए छापेमारी की जा रही है।
बांस का डंडा लेकर दौड़ती दिखीं डिप्टी मेयर
बता दें की गुरुवार को दरभंगा के कर्पूरी चौक से समाहरणालय तक छात्र संगठन के द्वारा प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया था। ये प्रदर्शन खत्म हो चुका था। भीड़ लौट रही थी, अचानक से लोहिया चौक पर भीड़ ने अचानक सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस कर्मियों पर पथराव करना शुरू कर दिया था। इसमें कई पुलिस वालों समेत आम लोगों को भी चोट आई थी। इसके बाद पुलिस ने उग्र प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए लाठी चार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले भी दागे थे। इस घटना के बाद डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नाजिया हसन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में नाजिया हसन सड़क किनारे से एक बांस उखाड़कर गुस्से में दौड़ती दिखीं।

