सावन महोत्सव में गूंजा ‘जय श्रीश्याम’ का जयघोष, भजनों की अमृत वर्षा में देर रात तक झूमे श्रद्धालु

KK Sagar
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शीश दान की झांकी और छप्पन भोग ने मोहा मन, सावन महोत्सव में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बराकर: श्याम का टाबरिया संस्था की ओर से तृतीय वार्षिक सावन महोत्सव का भव्य आयोजन अग्रसेन भवन के सभागार में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव में खाटू वाले श्याम बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण द्वारा शीश दान की दिव्य झांकी से हुई, जिसके माध्यम से शीश के दानी श्रीश्याम बाबा की महिमा का भावपूर्ण चित्रण किया गया। इसके बाद बाबा का मनमोहक पुष्प श्रृंगार किया गया तथा अखंड ज्योति प्रज्वलित कर छप्पन भोग अर्पित किया गया।

महोत्सव में सुप्रसिद्ध भजन गायक लव अग्रवाल ने अपनी मधुर एवं ओजपूर्ण प्रस्तुति से पूरे सभागार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। उन्होंने “जिसे श्याम ने बुलाया वो यहाँ है”, “हमको तो आसरा है ऐ श्याम खाटू वाले” तथा “थे तो श्याम बाग में झूला, झूलन चलो जी सांवरिया, महीनों आयो सावन को” सहित कई लोकप्रिय श्याम भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा सभागार “जय श्रीश्याम” के जयघोष से गुंजायमान हो गया।

शिल्पांचल और कोयलांचल से बड़ी संख्या में पहुंचे श्याम श्रद्धालुओं ने बाबा के श्रीचरणों में हाजिरी लगाई तथा भजनों की अमृत वर्षा का आनंद लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के अनुभव गोयल, चेतन गाड़ोदिया, आयुष पोद्दार, जयेश जलान, किशन अग्रवाल, रितेश अग्रवाल, रचित जलान, ध्रुव माखरिया और कौशल गोयल सहित सभी सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। उनके समर्पण और सहयोग से तृतीय वार्षिक सावन महोत्सव भक्ति, सेवा और संगठन का यादगार उत्सव बन गया।

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