कौन हैं शोभा ओहटकर जिन्हें सम्राट सरकार ने बनाया BSSC का अध्यक्ष? परीक्षा माफियाओं पर अब चलेगा ‘हंटर’

Neelam
By Neelam
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बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) में नए अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। बिहार सरकार ने हाल ही में रिटायर्ड हुईं शोभा ओहटकर को ये अहम जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि सम्राट सरकार ने प्रशासनिक सुधार और परीक्षाओं को समय पर पूरा कराने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है।

कड़क कार्यशैली शोभा ओहटकर की पहचान

पूर्व आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर को बिहार कर्मचारी चयन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। शनिवार की देर शाम सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी की। शोभा अपनी कड़क कार्यशैली, अनुशासित पुलिसिंग और अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख के लिए जानी जाती हैं।

‘हंटर वाली मैडम’ के नाम से चर्चित

बिहार कैडर की 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर राज्य की पहली महिला महानिदेशक रही हैं। बिहार में उन्हें लोग ‘हंटर वाली मैडम’ और ‘लेडी सिंघम’ जैसे नामों से भी पहचानते हैं। दरभंगा, पटना, वैशाली और सारण जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा दे चुकीं शोभा ओहटकर अपराधियों और मनचलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए ‘हंटर वाली मैडम’ के नाम से फेमस हुईं। 

रिटायरमेंट के एक महीने बाद बीएसएससी की कमान

अपनी 36 साल की लंबी और शानदार पुलिस सेवा के बाद वह 30 जून 2026 को बिहार गृह रक्षा वाहिनी यानी होम गार्ड एवं अग्निशमन सेवा के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। रिटायरमेंट के ठीक एक महीने बाद ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विश्वासपात्र मानी जाने वाली पूर्व अधिकारी पर सम्राट सरकार ने उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए बीएसएससी की कमान सौंप दी है।

बीएससीसी को मिला स्थायी अध्यक्ष

इससे पहले बीएससीसी के अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार राज्य के वरिष्ठ आईएएस और अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी संभाल रहे थे। स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति के साथ ही अरविंद चौधरी को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया। आयोग में पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने से लंबित पड़ी कई भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा परिणामों को गति मिलने की संभावना है।

पेपर लीक पर लगेगा अंकुश?

अपनी सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाने वाली शोभा ओहटकर के आने से आयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने का अनुमान है। परीक्षा माफियाओं पर लगाम कसने, पेपर लीक जैसी धांधलियों को रोकने और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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