बिहार के औरंगाबाद जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई, जब वह देर रात कार से डेहरी से पटना लौट रहे थे। घटना औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र में धनौती पुल के पास हुई।
लूटपाट के दौरान हत्या की आशंका
बताया जा रहा है कि वो देर रात कार से डेहरी से पटना जा रहे थे। रास्ते में बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रुकवा लिया। इसके बाद ड्राइवर को अपने कब्जे में ले लिया। फिर विमल कुमार को कार से निकालकर उनके साथ जमकर मारपीट की गई। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने ताबड़तोड़ लाठी, डंडे और रॉड से हमला कर दिया। उनके शरीर पर गंभीर चोटों के साथ धारदार हथियार के निशान भी मिले।
स्थानीय लोगों की मदद लाए गए अस्पताल
अपराधियों के हमले में गंभीर रूप से घायल विमल कुमार को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल उपचार के लिए रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ड्राइवर को कस्टडी में लेकर हो रही पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही औरंगाबाद और रोहतास पुलिस के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके की नजाकत को देखते हुए ड्राइवर फरार हो गया। हालांकि, बाद में ड्राइवर मिथिलेश कुमार को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।
वारदात के पीछे की वजह तलाश रही पुलिस
विमल कुमार की हत्या क्यों और किसने की, ये फिलहाल साफ नहीं हो सका है। औरंगाबाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, कार की स्थिति और घटना के दौरान मौजूद लोगों की जानकारी जुटा रही है। विमल कुमार मूल रूप से गया जिले के शेरघाटी के रहने वाले थे। उनका परिवार फिलहाल पटना में रहता है। उनकी पत्नी, एक बेटी और छोटा बेटा है। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग सासाराम पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि विमल कुमार की मौत किस तरह हुई और इस वारदात के पीछे असली वजह क्या थी।

