बांकीपुर में प्रशांत किशोर की बढ़त बरकरार, बीजेपी नहीं ले पाई लीड, सातवें राउंड में अंतर और बढ़ा

Neelam
By Neelam
3 Min Read

बांकीपुर से बीजेपी की बादशाहत खत्म होती दिख रही है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में सातवें राउंड तक जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की बढ़त बरकरार है। पीके की इस जोरदार बढ़त राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

भाजपा प्रत्याशी अब 3811 वोटों से पीछे

निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सातवें राउंड तक का परिणाम सामने आ चुका है। प्रशांत किशोर लगातार बढ़त को बढ़ा ही रहे हैं। इससे भाजपा की पेशानी में बल पड़ता दिख रहा है। प्रशांत किशोर को 13500 मत मिले हैं। भाजपा को 9689 और राजद को 2599 वोट मिले हैं। जन सुराज और भाजपा का अंतर अब 3811 है। फिलहाल जिन बूथों के वोट सामने आए हैं, वह मुस्लिम और यादव बहुल रहे हैं। यानी, यादवों के साथ-साथ मुस्लिम आबादी ने भी राजद का साथ छोड़ पीके का हाथ थामा था।

बीजेपी समर्थकों में रुझान देखकर चिंता

बांकीपुर विधानसभा उप चुनाव के वोटों की गिनती 31 राउंड तक होनी है। इनमें से सात राउंड तक प्रशांत किशोर आगे रहे हैं। प्रशांत किशोर को आगे दिखे जन सुराज समर्थकों में उत्साह है, जबकि भाजपा समर्थक अगले दो घंटे बाद का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में मिठाइयों का इंतजाम है, लेकिन अब तक के रुझान को देखकर चिंता भी है।

नितिन नवीन की अग्निपरीक्षा

बांकीपुर सीट से बीजेपी के नितिन नवीन विधायक थे। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव कराना पड़ा। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस सीट पर आरजेडी की रेखा गुप्ता को करीब 52 हजार वोटों से हराया था। उस समय 41.35 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार उपचुनाव में महज 34 प्रतिशत वोटिंग हुई। कम मतदान के कारण शुरू से ही इस सीट पर कांटे की टक्कर की संभावना जताई जा रही थी।

बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल

प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने के बाद यह उपचुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया। पार्टी ने अपना गढ़ बचाने के लिए 40 स्टार प्रचारकों के साथ एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं को भी प्रचार में उतारा। इतना ही नहीं, बीजेपी ने अंतिम समय में अपना उम्मीदवार भी बदल दिया। पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी ने 10 जुलाई को पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भी हालात बीजेपी के पक्ष में जाते नहीं दिख रहे हैं।

Share This Article