डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: भाकपा माओवादी संगठन द्वारा चतरा जिले की भुरकुंडीह घाटी में मालवाहक वाहनों को निशाना बनाकर बड़ी आगजनी और गोलीबारी करने की एक भयावह योजना को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। प्रतापपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो माओवादियों को धर दबोचा, जो इलाके में दहशत फैलाने की नीयत से निकले थे।
गुप्त सूचना पर घेराबंदी, भागते वक्त दबोचे गए
एसडीपीओ सन्नी वर्धन के अनुसार, पुलिस को 3 अगस्त को सटीक सूचना मिली थी कि कुंदा से प्रतापपुर के रास्ते दो संदिग्ध उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए निकल चुके हैं। खबर मिलते ही एसडीपीओ की अगुवाई में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया और प्रतापपुर-कुंदा मुख्य मार्ग पर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया। जांच के दौरान जब पुलिस टीम ने एक बाइक पर आ रहे दो युवकों को रुकने का इशारा किया, तो वे पुलिस को देखकर भागने लगे। सशस्त्र बलों ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और खदेड़कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामद हथियार और सामग्री
1 देसी पिस्टल
5 जिंदा कारतूस
1 लीटर पेट्रोल और माचिस (आगजनी के लिए)
2 मोबाइल फोन
1 मोटरसाइकिल
जोनल कमांडर मनोहर गंझु के इशारे पर रची गई थी साजिश
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुंदा थाना क्षेत्र के कोजरम निवासी सुरेंद्र गंझु और करील गड़वा निवासी संजय गंझु के रूप में हुई है। कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर मनोहर गंझु के निर्देश पर काम कर रहे थे। उनका मकसद भुरकुंडीह घाटी से गुजरने वाले मालवाहक वाहनों पर गोलीबारी करना और पेट्रोल छिड़ककर उन्हें आग के हवाले करना था, ताकि इलाके में माओवादियों का खौफ फिर से कायम किया जा सके।
एक आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार उग्रवादियों में से एक का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। इस संबंध में प्रतापपुर थाने में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता), आर्म्स एक्ट और सीएलए (क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है और इस नेटवर्क में शामिल जोनल कमांडर समेत अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

