दीपक प्रकाश को बने MLC, बुधवार रात जारी हुआ नोटिफिरेशन, मंत्री पद पर मंडरा रहा खतरा टला

Neelam
By Neelam
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बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर पिछले कुछ समय से चल रहा राजनीतिक और कानूनी विवाद अब समाप्त होता दिख रहा है। राज्यपाल ने बुधवार को बिहार सरकार की अनुशंसा को मंजूरी देते हुए दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का मनोनीत सदस्य नियुक्त कर दिया।

मंत्री पद पर मंडरा रहा खतरा टला!

राज्यपाल ने बिहार सरकार के कैबिनेट की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद बुधवार रात को इसका नोटिफिकेसन बी जारी कर दिया गया। इसके साथ ही दीपक प्रकाश अब आधिकारिक रूप से बिहार विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य बन गए हैं। राजभवन से मिली मंजूरी के बाद बिहार सरकार के कैबिनेट के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके साथ दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर मंडरा रहा खतरा भी टलता दिख रहा है।

राज्यपाल कोटे से मिली विधान परिषद की सदस्यता

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को राज्यपाल कोटे से विधान परिषद की सदस्यता मिल गई है। इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। बिहार के राज्यपाल की ओर से बुधवार को इस मनोनयन की औपचारिक जानकारी जारी की गई और इसके साथ ही बिहार गजट के असाधारण अंक में इसका प्रकाशन भी कर दिया गया। मतलब तत्काल प्रभाव से दीपक प्रकाश बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से मांगा था जवाब

नवंबर 2025 में दीपक प्रकाश पहली बार राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में मंत्री बने थे। अप्रैल 2026 में जब बिहार में भाजपा के मुख्यमंत्री सहित नई सरकार का गठन हुआ तो दीपक प्रकाश दोबारा मंत्री बनाए गए। मंत्री बनने के 6 महीने के अंदर उन्हें किसी सदन का सदस्य का सदस्य बनना था। इस बीच सुप्रीम कोर्ट तक या मामला पहुंच गया, जिसमें नवंबर से ही 6 महीने को गिनकर वह समय पूरा बताया गया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल पूछा, तो आननफानन मैं भाजपा ने अपने विधान पार्षद देवेश कुमार का इस्तीफा ले लिया और राजभवन को मनोनयन के लिए दीपक प्रकाश के नाम का प्रस्ताव दिया।

हाल में हुए एमएलसी चुनाव में दीपक प्रकाश को नहीं मिला मौका

पिछले दिनों बिहार में राज्य विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव हुआ था। तब यह माना जा रहा था कि भाजपा कोटे से दीपक प्रकाश को मौका दिया जाएगा। जब दीपक प्रकाश का नाम नहीं घोषित हुआ तो कहां जाने लगा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सब कुछ अच्छा नहीं है। हालांकि, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा लगातार इस बात को कहते रहे कि मंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने बनाया है और भाजपा को फैसला लेना है, समय पर यह हो जाएगा। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचने के कारण जब सवाल पूछा गया तो राजभवन के मनोनयन के जरिए मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद में प्रवेश मिल गया।

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