बिहार के अररिया जिले में पुलिस प्रशासन को पारदर्शी और एक्टिव बनाने के उद्देश्य से कड़ा एक्शन लिया गया है। पुलिस महकमे ने पूर्णिया रेंज के आईजी विवेकानंद के निर्देश और अररिया एसपी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर चार थानाध्यक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है।
तीन दिनों में चार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई
एसपी जितेंद्र कुमार ने पिछले तीन दिनों में चार थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की है। इनमें दो थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया है, जबकि दो को लाइन हाजिर किया गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी थाना या पुलिसकर्मी की अपराधियों के साथ सांठ-गांठ सामने आती है या कोई पुलिस अधिकारी अपने कर्तव्य में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ इसी तरह कार्रवाई की जाएगी।
इन थानाध्यक्षों पर हुई कार्रवाई
- महादेव कामत (थानाध्यक्ष, जोगबनी – पुलिस निरीक्षक)- स्मैक, गांजा और कोडीन सिरप के तस्करों से सांठ-गांठ, अवैध उगाही तथा तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी न करने के गंभीर आरोपों में निलंबित किए गए हैं। नेपाल सीमा से सटे जोगबनी में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
- राजू कुमार (थानाध्यक्ष, कुआड़ी)- सर्विस कोड के उल्लंघन के मामले में दो दिन पूर्व ही निलंबित किए जा चुके हैं।
- मिथिलेश कुमार सिंह (थानाध्यक्ष, बरदाहा): कार्य में लापरवाही, तकनीकी ज्ञान की कमी और CCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) में दक्षता न होने के कारण लाइन हाजिर।
- शमसुद्दीन अंसारी (थानाध्यक्ष, मदनपुर): सीसीटीएनएस के संचालन में अक्षमता और विभागीय लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर।

