मुजफ्फरपुर के चर्चित AK-47 मामले में NIA और बिहार STF की संयुक्त कार्रवाई में फरार आरोपी भैरव त्रिपाठी उर्फ मास्टर उर्फ गुरु को गिरफ्तार किया गया है। ब्रह्मपुरा स्थित संजय सिनेमा रोड से हुई गिरफ्तारी के बाद इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या छह हो गई है। भैरव करीब दो साल से वांटेड था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसके खिलाफ बिहार और दिल्ली में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
NIA की टीम पिछले चार दिनों से मुजफ्फरपुर में भैरव की तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। इस मामले में NIA केस संख्या RC-11/2024/NIA/DLI के तहत जांच चल रही है। NIA के अनुसार, भैरव ने अपने साथियों के साथ मिलकर नागालैंड से बिहार तक प्रतिबंधित बोर के अत्याधुनिक हथियार और राइफलों की तस्करी की साजिश रची थी। उसके खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट समेत आठ मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
यह मामला 7 मई 2024 को फकुली थाना में दर्ज कांड संख्या 19/2024 से जुड़ा है। फकुली थाना पुलिस ने मुजफ्फरपुर के मुर्गटिया पुल के पास AK-47 राइफल, लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। जांच में सामने आया कि हथियारों की खेप दीमापुर से बिहार लाई जाती थी। NIA ने इस मामले में विकास कुमार, सत्यम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ 8 मई 2025 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद मंजूर खान और कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई।
भैरव त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां उसके आपराधिक नेटवर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियारों की सप्लाई कहां से होती थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

