गढ़वा जिला में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर के निर्देश पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही चोरी की घटनाओं के उद्भेदन के लिए गठित छापेमारी दल ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने इनके पास से चोरी में प्रयुक्त एवं चोरी किए गए सामान भी बरामद किए हैं।
विशेष टीम ने जांच को दी रफ्तार
मेराल थाना परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसडीपीओ दिलु लोहार, इंस्पेक्टर बृज कुमार एवं थाना प्रभारी विष्णु कांत ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बैटरी, बिजली तार, मोबाइल समेत अन्य सामानों की चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं। पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ दिलु लोहार एवं इंस्पेक्टर बृज कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया था।
दो आरोपितों से पूछताछ में खुला राज
गठित टीम ने भंडरिया थाना क्षेत्र के सरायडीह में चेकिंग के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर डंडई थाना क्षेत्र के जरही गांव निवासी अरशद अंसारी, पिता रफीक अंसारी तथा इस्तेखार अंसारी, पिता रहमुद्दीन अंसारी को पकड़ा। पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों दिलशाद अली, पिता उम्मत रसूल अंसारी, साजिद अली, पिता स्व. मुस्लिम अंसारी, ग्राम तसरार तथा दीपक कुमार, पिता नंदू साह, ग्राम लवाही कला को भी चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान अरशद अंसारी एवं इस्तेखार अंसारी ने मेराल थाना क्षेत्र के हासनदाग मध्य विद्यालय में चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान एक पिकअप वैन, टाटा पंच कार, एक्साइड कंपनी का सोलर इनवर्टर, एक्साइड कंपनी की छह 12 वोल्ट की बैटरियां तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। छापेमारी दल में एसडीपीओ दिलु लोहार, इंस्पेक्टर बृज कुमार, मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत, डंडई थाना प्रभारी अनिमेष शांतिकरी, एसआई रवि कुमार, एसआई श्रीकांत कुमार, एएसआई जलेंद्र कुमार, चालक जयराम कुमार पांडेय सहित मेराल एवं डंडई थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

