गिरिडीह के लंकास्टर अस्पताल परिसर में मंगलवार तड़के अचानक जमीन धंसने से अफरा-तफरी मच गई। भू-धंसान की वजह से अस्पताल के दो भवनों का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि आसपास की जमीन में भी चौड़ी दरारें पड़ गईं।
अस्पताल कर्मियों ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे उन्होंने भवन और जमीन को एक साथ धंसते देखा। इसके बाद तत्काल सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अधिकारियों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कंपनी और प्रशासनिक टीम ने प्रभावित क्षेत्र को निषेधाज्ञा क्षेत्र घोषित कर दिया।
सुरक्षा को देखते हुए सीसीएल गार्ड और होमगार्ड की तैनाती की गई है। जीएम समेत गिरिडीह एरिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आपातकालीन कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया है।
स्थानीय लोगों और अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से जारी अवैध कोयला खनन को भू-धंसान की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, घटना का वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी अवैध खनन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
भू-धंसान से अस्पताल की चिकित्सकीय सुविधाएं और सहायक इकाइयां प्रभावित हुई हैं। अस्पताल कर्मी दिलीप कुमार ने बताया कि समय रहते सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रभावित हिस्से में आगे प्रवेश पर सुरक्षा कारणों से रोक लगाई गई है।
घटना के बाद प्रशासन और सीसीएल की ओर से प्रभावित क्षेत्र का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद भवनों की मरम्मत, पुनर्वास या अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस घटना ने क्षेत्र में जमीन की सुरक्षा और अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

