सरकारी खाद्यान्न में घपला
धनबाद के बाघमारा स्थित सरकारी गोदाम से अचानक 1600 चावल की बोरियों के लापता होने से करोड़ों के घोटाले की आशंका पैदा हो गई है। बाजार मूल्य के अनुसार यह करीब 40 से 50 लाख रुपये की हेराफेरी मानी जा रही है।
खोखले स्टैक की साजिश
गोदाम के निरीक्षण में पाया गया कि बोरियों को बाहर से ठीक से सजाया गया था, मगर बीच के हिस्से पूरी तरह खाली थे। तीन साल से पदस्थापित रहे तत्कालीन सहायक गोदाम प्रबंधक बिनोद कुमार विद्यार्थी की भूमिका अब सीधे सवालों के घेरे में है।
तबादले से खुला मामला
नए जिला आपूर्ति पदाधिकारी पंकज कुमार के निर्देश पर पुराने प्रबंधक का स्थानांतरण हुआ। इसके बाद जब नए प्रबंधक शेखर प्रसाद महतो ने चार्ज लिया, तब डोर-स्टेप डिलीवरी के दौरान पांच स्टैक के अंदर से चावल गायब मिले।
मजदूरों का बड़ा खुलासा
गोदाम में काम करने वाले मजदूरों ने ही जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की कि उनसे बोरियों को इस तरह रखवाया गया ताकि बीच का खाली स्थान छुप सके। इसके बाद विभाग ने 600 बोरियां इधर-उधर से एडजस्ट कीं, फिर भी 1000 बोरियां कम पड़ीं।
जांच में देरी पर सवाल
उपायुक्त के आदेशानुसार 18 अगस्त को दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर 5 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई थी। 10 दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट न आना यह आशंका बढ़ाता है कि बाहर से अनाज लाकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।
डीलेरों पर आपूर्ति का संकट
बाघमारा गोदाम से लगभग एक हजार जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलरों को राशन भेजा जाता है। ऐसे में पुराने स्टॉक से पहले आपूर्ति नियम के बावजूद स्टैक का गायब होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट कहा है कि खाद्यान्न की कमी की पुष्टि हुई है। उन्होंने 5 दिनों के भीतर भरपाई का निर्देश दिया है और ऐसा न करने पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
आपूर्ति विभाग की जांच टीम अब तत्कालीन प्रबंधक बिनोद कुमार विद्यार्थी और नए प्रबंधक शेखर महतो की मौजूदगी में भौतिक स्टॉक का मिलान करेगी। इस रिपोर्ट के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी और मामले की असली सच्चाई सामने आएगी।

