डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में बड़ा विमान हादसा सामने आया है। गुरुवार को गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट दुर्घटना का शिकार हो गया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई है। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर एविएशन सेक्टर की सुरक्षा और ट्रेनिंग उड़ानों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिग्गज पायलट का अनुभव भी न आया काम: हादसे का शिकार हुए विमान को उड़ा रहे इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया (निवासी गुजरात) को 3 हजार घंटे की लंबी उड़ान का तजुर्बा था, जिसे विमानन क्षेत्र में बेहद अहम माना जाता है। इसके बावजूद यह हादसा होना कई अनसुलझे सवाल छोड़ गया है।
उड़ान के महज 20 मिनट बाद हुआ हादसा: चकेरी स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से विमान ने गुरुवार सुबह 11:30 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन महज 20 मिनट बाद (सुबह 11:50 बजे) यह गंगा बैराज के पास नाथपुरवा गांव के नजदीक क्रैश हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी, हवा में डगमगाया विमान: स्थानीय लोगों के मुताबिक हवा में अचानक विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 200-250 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे आ गिरा। टक्कर इतनी भीषण थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। गनीमत यह रही कि विमान में आग नहीं लगी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें: दोपहर करीब 12:15 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। हादसे में इंस्ट्रक्टर सचिन भाटिया और कर्नाटक के रहने वाले ट्रेनी पायलट अभिषेक पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
जांच के आदेश और प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कानपुर पुलिस कमिश्नर रघबीर लाल समेत प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों का अनुमान है कि पायलटों की मौत अत्यधिक ऊंचाई से गिरने और शरीर पर आई मल्टीपल इंजरी के कारण हुई है, हालांकि असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए नागर विमान महानिदेशालय को तुरंत सूचना दे दी गई है। अब डीजीसीए की विशेषज्ञ टीम दुर्घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच करेगी।

