डिजिटल डेस्क।मिरर मीडिया : टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर के दिग्गजों में शुमार रिलायंस ग्रुप की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स जल्द ही शेयर बाजार में दस्तक देने की तैयारी कर रही है। बाजार नियामक सेबी से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस कंपनी के आईपीओ से जुड़े आंकड़े सामने आने लगे हैं, जो भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है।
37,700 करोड़ रुपये जुटने का अनुमान
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस आईपीओ के जरिए कंपनी का मूल्यांकन करीब 137 अरब डॉलर आंका गया है। कंपनी इस पब्लिक ऑफर के माध्यम से लगभग 37,700 करोड़ रुपये बाजार से जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि, इस मेगा आईपीओ के लिए अभी तक प्राइस बैंड और खुलने-बंद होने की आधिकारिक तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन बाजार में इसको लेकर सरगर्मी तेज हो गई है।
कंपनी के पास मजबूत वित्तीय स्थिति
जियो प्लेटफॉर्म्स का वित्तीय प्रदर्शन भी काफी मजबूत नजर आ रहा है। जून तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के रेवेन्यू में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह बढ़कर 45,961 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, परिचालन से आय 39,173 करोड़ रुपये रही, जबकि कर भुगतान के बाद का शुद्ध मुनाफा 9.2 प्रतिशत बढ़कर 1,764 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा, कंपनी के ग्राहकों का आंकड़ा भी शानदार रहा है, जहां जियो प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्राइबर बेस 53.33 करोड़ पर पहुंच गया है।
शेयरधारकों की हिस्सेदारी का गणित
इस आईपीओ के ड्राफ्ट के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज की है, जिसके पास 66.43 प्रतिशत शेयर हैं। इसके अलावा मेटा के पास 9.98 प्रतिशत, गूगल के पास 7.73 प्रतिशत, पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड के पास 2.31 प्रतिशत, केकैआर के पास 2.31 प्रतिशत और विस्टा इक्विटी पार्टनर्स के पास 1.88 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी के इस बड़े कदम से निवेशकों को देश की सबसे बड़ी डिजिटल कंपनी में निवेश करने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है।

