जन्माष्टमी पर झारखंड में हाई अलर्ट, सोशल मीडिया से मंदिरों तक कड़ी निगरानी

Reena Sharma
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सुरक्षा को लेकर पुलिस मुख्यालय सतर्क

रांची। जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। पर्व को लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मंदिरों में देर रात तक पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं की भीड़, दही-हांडी प्रतियोगिता, मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस को पहले से सुरक्षा तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। जन्माष्टमी के दौरान WhatsApp ग्रुप, Facebook और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है।

भड़काऊ पोस्ट पर होगी त्वरित कार्रवाई

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ऐसे ग्रुप और अकाउंट की जानकारी जुटाने का निर्देश है, जहां किसी समुदाय, धर्म या जाति की भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी अथवा नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित होती हो। ऐसे मामलों में संबंधित ग्रुप या अकाउंट का नाम, मोबाइल नंबर समेत आवश्यक जानकारी जुटाकर समय रहते कार्रवाई करने को कहा गया है। विशेष शाखा ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ कंटेंट के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए लगातार निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मंदिरों और दही-हांडी कार्यक्रमों पर नजर

जन्माष्टमी के अवसर पर कई मंदिरों में मध्य रात्रि में विशेष पूजा होती है। महिलाओं और युवतियों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के रात तक मंदिरों में आने-जाने की संभावना को देखते हुए पुलिस गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। दही-हांडी प्रतियोगिता को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। कमजोर या कम ऊंचाई वाले भवनों और बिजली के तारों के आसपास दही-हांडी कार्यक्रम नहीं होने देने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश है, ताकि बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

अफवाह और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती

जन्माष्टमी के दौरान लाउडस्पीकर और डीजे पर बजने वाले उत्तेजक गानों, भड़काऊ नारों और अन्य आपत्तिजनक गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष शाखा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि अफवाहों के कारण अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति, जैसे भगदड़ आदि पर प्रभावी नियंत्रण की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए। अफवाह फैलने की स्थिति में उसके स्रोत की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने और स्थिति को जल्द सामान्य करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा पर्व के दौरान शराबबंदी के लिए आदेश निर्गत करने, अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ अड्डों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई गई है।

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